{"_id":"7236e068-d80b-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"cbi-questions-former-officials-of-pmo-nair-could-be-next","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनमोहन के अफसरों तक पहुंची कोलगेट की कालिख","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
मनमोहन के अफसरों तक पहुंची कोलगेट की कालिख
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 18 Jun 2013 05:12 PM IST
विज्ञापन
सरकार को गहरे संकट में डालने वाला कोयला घोटाला अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को अपनी चपेट में लेता दिख रहा है।
विज्ञापन
इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने उन दो नौकरशाहों से पूछताछ की है, जो कोल ब्लॉक आवंटित होने के वक्त पीएमओ में कार्यरत थे। इन अधिकारियों के नाम विनी महाजन और आशीष गुप्ता हैं।
इन अधिकारियों ने कथित तौर पर उन कोल फील्ड का ब्योरा मांगा गया, जो 2006 से 2009 के बीच निजी कंपनियों को सौंपी गई थीं। उस वक्त प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास कोयला मंत्रालय का सीधा प्रभार था।
विज्ञापन
इस दौरान टीकेए नायर प्रधान सचिव और पीएमओ के सबसे वरिष्ठ अफसर थे। नायर प्रधानमंत्री के करीबी सलाहकार माने जाते हैं। सीबीआई अब नायर से पूछताछ करने की योजना बना रही है।
विज्ञापन
जांच एजेंसी को कोलगेट से जुड़ी अपनी जांच की प्रगति पर सुप्रीम कोर्ट को 10 जुलाई को जानकारी देनी है। यह सारा विवाद इस बात से जुड़ा है कि कुछ निजी कंपनियों को इतनी सस्ती दरों पर खनन का कीमती अधिकार क्यों दे दिया गया।
सीबीआई यह पहले ही कह चुकी है कि सरकार की जिस स्क्रीनिंग कमेटी पर इन कंपनियों से आवेदन मंगाने और उनकी जांच का जिम्मा था, उसने उनके बैकग्राउंड की जांच नहीं की और पारदर्शिता भी नहीं बरती गई।