तेरहवीं की तैयारी के दिन जिंदा लौटा शख्स
मृत घोषित हो चुका एक शख्स तेरह दिन बाद उस जिंदा लौटा जब परिवार वाले उसकी तेरहवीं की तैयारी में जुटे थे। यह हैरान करने वाली घटना जौनपुर जिल के बक्शा गांव की है।
पुलिस के मुताबिक सांवले यादव के पिता सबरजीत ने बक्शा पुलिस थाने में सूचना दी थी कि उसका बेटा जो एक प्राइवेंट कंपनी में काम करता है, घर आने के लिए 13 अगस्त को ट्रेन में चढ़ा लेकिन घर नहीं पहुंचा।
19 अगस्त को पुलिस को गोमती नदी में शव मिलने की सूचना मिली। बक्शा पुलिस ने इसकी जानकारी सबरजीत को दी और शव की पहचान के लिए बुलाया।
रंगरूप और कपड़ों के आधार पर सबरजीत ने शव की पहचान अपने बेटे सांवले के रूप में की और लिखित तौर पर पोस्टमार्टम कराने की अनुमति भी दी। उसी दिन शव का दाह-संस्कार कर दिया गया।
पुलिस अधिकारी राजीव मिश्रा ने बताया लड़के की मृत्यु पानी में डूबने की वजह से हुई है। और मामले कोबंद कर दिया गया। मामले में नया जोड़ तब आया जब मंगलवार को सांवले घर पहुंचा।
घर पहुंचा सांवले
सांवले ने बताया कि वह गलत ट्रेन में चढ़ गया जिससे वह लखनऊ पहुंच गया। उसे बिना टिकट यात्रा करने के आरोप में जेल भेजा गया। दो दिनों के बाद उसे छोड़ा गया।
बहुत मशक्कत के बाद उसने किसी की मदद से अपने ससुराल वालों से संपर्क किया। परिवार वाले लखनऊ पहुंचे और उसे वहां से उसे सोमवार को छुड़ा लिया गया।
पुलिस के मुताबिक सबरजीत बुजुर्ग है, और जो लाश मिली थी उसकी हालत खराब थी। इस कारण पहचानने में भूल हुई।
हालांकि इस बात का पुलिस के पास फिलहाल कोई जवाब नहीं है कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया वो कौन है। पुलिस इस शव के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं जुटा पाई है।