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राजग में बने रहने के लिए नीतीश ने रखी नई शर्त
नई दिल्ली/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 15 Jun 2013 11:34 AM IST
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भाजपा-जदयू गठबंधन टूटने की आशंकाओं के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई शर्त रखी है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सार्वजनिक रूप से ये घोषणा करें कि वे 2014 लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं बनाएगी।
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उन्होंने कहा कि भाजपा हमारी चिंताओं पर तत्काल और सार्वजनिक रुप से जवाब दें। इन मुद्दों पर निजी तौर पर दिए जा रहे आश्वासनों से काम नहीं चलेगा।
वहीं, अब ये माना जाने लगा है कि भाजपा-जदयू की 17 साल पुरानी दोस्ती खत्म हो गई है। अब बस इसका औपचारिक ऐलान होना बाकी है। इस मुद्दे पर जदयू की शनिवार-रविवार को पटना में बैठक होने वाली है।
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हालांकि, भाजपा लगातार ये संदेश दे रही है कि वो गठबंधन को बनाए रखना चाहती है। लेकिन नीतीश कुमार के गठबंधन तोड़ने के फैसले पर पर अड़ जाने के कारण दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं की सुलह की कोशिशें विफल हो गई हैं।
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बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की आज इस मुद्दे पर नीतीश कुमार से मुलाकात होनी थी, लेकिन अंतिम समय में ये मुलाकात रद्द कर दी गई है।
नीतीश सरकार में शामिल भाजपा के मंत्रियों ने दफ्तर का कामकाज पूरी तरह छोड़ दिया है।
दुआ देते हैं जीने की, दवा करते हैं मरने कीः नीतीश
नीतीश के अलग राह पकड़ने के स्पष्ट संकेतों के बावजूद भाजपा नरेंद्र मोदी को लेकर आगे बढ़ती जा रही है।
दूसरी तरफ मोदी प्रकरण से नाराज नीतीश ने शुक्रवार को पटना में साफ कर दिया कि उनका भाजपा से मोहभंग हो गया है। उन्होंने हालात को कठिन बताते हुए एक शेर भी सुना दिया।
उन्होंने कहा, 'दुआ तो जीने की करते हो, पर दवा मरने की देते हो।' साफ है कि नीतीश ने संकेतों में मोदी को गठबंधन के मरने की दवा बता दिया।
'भाजपा विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही जदयू'
बहरहाल, अब भाजपा भी मान चुकी है कि जदयू से गठबंधन टूटने जा रहा है और उसने अकेले ही चलने का मन भी बना लिया है, लेकिन वह लगातार संदेश भी दे रही है कि वह तो गठबंधन बनाए रखना चाहती है।
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रदेश के लोगों की भावनाओं को देखते हुए भाजपा गठबंधन कायम रखने के पक्ष में हैं। हालांकि भाजपा की बिहार इकाई अब नीतीश को आंखें दिखाने लगी है।
दूसरी तरफ एनडीए के संयोजक व जदयू अध्यक्ष शरद यादव पार्टी की दो दिनी बैठक में शामिल होने शनिवार को पटना रवाना होंगे।
उन्होंने इस बात को नकार दिया कि भाजपा को प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी तय करने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी अल्टीमेटम नहीं दिया गया है।
मोदी की तारीफों के पुल, नीतीश को 'टोपी'
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने भी कहा कि जदयू को पीएम पद के उम्मीदवार को लेकर भरोसा नहीं दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जदयू यह तय नहीं कर सकता है कि भाजपा का पीएम पद का उम्मीदवार कौन हो। पीएम पद का उम्मीदवार तय करने का काम पूरी तरह से भाजपा का है।
तीसरे विकल्प की चल रही कोशिशें
भाजपा और जदयू के अलग होने की राह पर बढ़ने के साथ ही तीसरे मोर्चे को मूर्तरूप देने की कोशिशें भी लगातार तेज हो रही हैं।
वामदल भी अब इसके लिए सक्रिय होते दिख रहे हैं। शुक्रवार को माकपा नेता सीताराम येचुरी ने जदयू प्रमुख शरद यादव से मुलाकात की।
वहीं, भाकपा नेता एबी बर्धन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से मिले। माना जा रहा है कि इन नेताओं की मुलाकातों में तीसरे मोर्चे के विकल्प को लेकर भी चर्चा हुई।