सिब्बल का आरोप, असम में हिंसा के लिए मोदी जिम्मेदार
केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। सिब्बल ने कहा कि उनके सरनेम का पूरा मतलब है, मॉडल ऑफ डिवाडिंग इंडिया (MODI) यानि भारत को तोड़ने वाला मॉडल।
सिब्बल ने आगे कहा कि बीजेपी नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा सोशल मीडिया में फोटो को कांट छांट कर अलग रूप रंग देना, उनके सांप्रदायिक प्रोपेगेंडा का हिस्सा है।
असम में हिंसा नरेंद्र मोदी के कारण
उन्होंने कहा कि मोदी और बीजेपी नेताओं ने असम में हिंसा फैलाई है, जिसके कारण वहां 32 लोग मारे गए हैं। हिंसा में मारे गए लोगों पर राहुल गांधी ने भी कहा था कि बीजेपी के शासनकाल में हजारों लोगों ने हिंसा में अपनी जान गंवाई जबकि यूपीए के पिछले 5 साल में 500 लोग मारे गए हैं।
इससे पहले प्रियंका गांधी ने भी नरेंद्र मोदी का बिना नाम लिए कहा था कि वह सत्ता के भूखे हैं और उन्हें और पावर चाहिए। प्रियंका हिमाचल में नरेंद्र मोदी की रैली के उस वाक्य पर बोल रही थी जिसमें मोदी ने कहा था कि 'ये दिल मांगे मोर'।
असम हिंसा के लिए मोदी जिम्मेदार: उमर
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नरेंद्र मोदी को असम हिंसा के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
बारामुला लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले टंगमर्ग इलाके में चुनावी जनसभा में उमर ने कहा कि असम में 32 लोगों की हत्या क्यों कर दी गई। सिर्फ इसलिए क्योंकि तीन दिन पहले भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने एक भाषण के दौरान लोगों को मुस्लिमों के खिलाफ भड़काने की कोशिश की थी।
उमर ने कहा कि रैली के दौरान राज्य में रह रहे सभी मुस्लिमों को मोदी ने बांग्लादेशी करार दिया था। इसी वजह से वहां हिंसा भड़की और इसमें 30 मुसलमानों को कब्र में मौत की नींद सुला दिया गया।
इस दौरान कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के विस्थापन के लिए मोदी द्वारा नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं को जिम्मेदार ठहराने के बयान पर पलटवार करते हुए उमर ने कहा कि ऐसे बयान से भाजपा नेताओं ने देश के सभी कश्मीरी नागरिकों का अपमान किया है। उमर ने भाजपा पर रियासत को तीन हिस्सों में बांटने की साजिश करने का भी आरोप लगाया।