{"_id":"d1d16fd0-5678-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"bhagwat-remark-on-rape-misunderstood-says-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेप पर भागवत के बयान से बवाल, बचाव में बीजेपी","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
रेप पर भागवत के बयान से बवाल, बचाव में बीजेपी
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 04 Jan 2013 07:44 PM IST
विज्ञापन
बलात्कार पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के विवादास्पद बयान का भाजपा ने बचाव किया है। भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संघ प्रमुख के बयान का गलत मतलब निकाला गया है।
विज्ञापन
प्रसाद ने कहा कि इसे सही संदर्भ और भारतीय संस्कृति से जोड़कर देखने की जरूरत है। दरअसल वे भारतीयों के संस्कार, परंपरा और मूल्य के बारे में बता रहे थे जहां महिलाओं की बेहद इज्जत की जाती है।
विज्ञापन
इससे पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सिल्चर में कहा था कि रेप की घटनाएं 'भारत' में नहीं 'इंडिया' में ज्यादा होती हैं। गांवों में जाइए और देखिए वहां महिलाओं का रेप नहीं होता, जबकि शहरी महिलाएं रेप का ज्यादा शिकार होती हैं। रेप जैसी घटनाओं को रोकने के लिए महिलाओं के प्रति नजरिया बदलने की जरूरत है।
विज्ञापन
वहीं, भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है 'महिलाएं मर्यादा न लांघें नहीं तो रावण हरण के लिए बैठा है।' विजयवर्गीय ने कहा कि महिलाओं को नैतिक सीमाएं लांघने पर दंड मिलता है। महिलाएं मर्यादा में रहें वरना रावण हरण के लिए आएगा।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के लिए लक्ष्मण रेखा खींची गई है। उस लक्ष्मण रेखा को पार करने पर रावण सामने बैठा है। वो सीता हरण कर ले जाएगा।
हालांकि मोहन भागवत के बयान की राजनीतिक हलकों में आलोचना हो रही है। कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा है कि भागवत गांवों की वास्तविकता से वाकिफ नहीं है। गांवों में दलित महिलाएं रेप का सबसे ज्यादा शिकार हो रही हैं। पुनिया ने कहा कि यौन हमलों का शिकार भी दलित महिलाएं ही हो रही हैं। लेकिन ये मामले सामने ही नहीं आ पाते।
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता किरण बेदी ने कहा कि गांवों में होने वाली रेप की घटनाओं की रिपोर्ट ही नहीं हो पाती। दिल्ली गैंगरेप का मुद्दा इतना बड़ा बन पाया क्योंकि यहां मीडिया और युवाओं का दबाव था, जबकि गांवों में ऐसी स्थिति नहीं है।