नरेंद्र मोदी के भाषण सुन रहे हैं ओबामा?
गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी इन दिनों आक्रामक मुद्रा में नजर आ रहे हैं। यह और बात है कि गरीबी के जिस मुद्दे को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोला था, उनके अपने राज्य में मंत्री वही गलती दोहरा रहे हैं और वो चुप्पी साधे हैं।
लेकिन भाजपा को इन दिनों मोदी के अलावा कुछ नहीं दिख रहा। उनके नाम पर वह आगामी चुनावों में जीत दर्ज करने के लिए हर कोशिश करने को तैयार है और इसका एक असर सोशल मीडिया पर भी दिख रहा है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी तस्वीर चल रही है, जो भाजपा के लिए सिरदर्द बन सकती है। लेकिन इस तस्वीर के पीछे जो कहानी है, वो कम दिलचस्प नहीं है।
मोदी नहीं, मुबारक का भाषण सुन रहे हैं ओबामा
इस तस्वीर में आपको अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने टेलीविजन पर नरेंद्र मोदी का भाषण सुनते हुए नजर आ रहे हैं। साथ ही इस तस्वीर के साथ कैप्शन चलाया जा रहा है, जिसमें लिखा है, "यहां तक कि ओबामा भी नमो का भाषण सुनते हैं।"
हालांकि, यह तस्वीर असली नहीं है। इसमें खेल किया गया है। लेकिन सोशल मीडिया पर मोदी का प्रचार-प्रसार करने में जुटी लॉबी इस तस्वीर के सहारे यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि ओबामा भी मोदी के दीवाने हैं।
हकीकत में यह तस्वीर 28, 2011 की है, जिसमें ओबामा मिस्र के राष्ट्रपति होसनी मुबारक का भाषण टेलीविजन पर देख-सुन रहे हैं, जो उन्होंने आउटर ओवल ऑफिस के बाहर दिया था।
मुबारक की जगह मोदी कैसे आए?
लेकिन इस नकली तस्वीर में मुबारक की जगह मोदी की तस्वीर लगा दी गई है। व्हाइट हाउस के मुताबिक यह तस्वीर पीट सूजा ने ली थी, जो उनके फ्लिकर एकाउंट पर पोस्ट की गई और सार्वजनिक स्तर पर उपलब्ध है।
हालांकि, जो तस्वीर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है उसमें 30 साल मिस्र पर राज करने के बाद जनता के आंदोलन की वजह से हटाए गए मुबारक की जगह मोदी बोलते हुए दिख रहे हैं और ओबामा उन्हें सुन रहे हैं। जाहिर है, एक नजर में इस तस्वीर को देखकर कोई भी धोखा खा सकता है।
दूसरे लोगों के अलावा यह तस्वीर गुजरात में नवसारी से भाजपा के सांसद सी आर पाटिल ने भी शेयर की है, जो मोदी समर्थक माने जाते हैं। हालांकि, वह यह जांचना भूल गए कि तस्वीर असली है या नकली।
भाजपा सांसद ने शेयर की तस्वीर
इस बारे में संपर्क करने पर पाटिल ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि इस तस्वीर के साथ छेड़छाड़ गई है। उनका कहना है कि उन्हें यह किसी की तरफ से फेसबुक पर मिली थी और बिना इसकी विश्वसनीयता जांचे, उन्होंने इसे आगे फॉरवर्ड कर दिया।
हालांकि, पाटिल यह मानने को तैयार नहीं कि इस तस्वीर के पीछे भाजपा समर्थक हैं। उनका कहना है कि यह काम भाजपा विरोधियों का है, जो नकली तस्वीर की बात उछालकर उसे बदनाम करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "भाजपा या नरेंद्र मोदी का समर्थक ऐसा काम क्यों करेगा, जिससे बाद में उसकी बदनामी हो? इसके पीछे भाजपा के विरोधी लोग हो सकते हैं। मैं इससे जुड़ा ब्योरा तलाश रहा हूं।"