'मुलायम से ज्यादा जहरीला है बेटा अखिलेश'
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि बसपा सर्वसमाज को राजनीति में उचित भागीदारी देती है। ऐसा प्रदेश के 80 सीटों पर प्रत्याशी तय कर दिखाया गया है। सवर्ण जाति के गरीबों को आरक्षण देने का प्रस्ताव बसपा की सरकार ने ही दिया था। हालांकि केंद्र सरकार ने इसको मंजूरी नहीं दी।
उन्होंने विरोधी दलों के चुनावी घोषणापत्र को छलावा बताते हुए कहा कि बसपा कहने में नहीं, करने में विश्वास करती है। मंगलवार को देवरिया में 45 मिनट के भाषण में उनके निशाने पर सबसे अधिक भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी रहे।
उन्होंने कहा कि जहां बसपा का मुस्लिम उम्मीदवार है वहां भाजपा के लोग दलितों और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को गुमराह कर अपने पाले में करने की कोशिश कर रहे हैं। इनसे वह चुनाव बाद भेदभाव बरतने लगते हैं। दलितों और पिछड़ों को उनके झांसे में आने की जरूरत नहीं है। यदि दलित की बेटी को प्रधानमंत्री बनाना है तो सभी को हाथी वाला बटन दबाना होगा।
अखिलेश पर बिफरीं माया
उन्होंने कहा कि जिन लोकसभा क्षेत्रों में मुसलमानों की संख्या अधिक है, वहां हमने मुस्लिम वर्ग का उम्मीदवार बनाया है। इसलिए इस वर्ग का वोट भी बहुजन समाज पार्टी के साथ है।
कहा कि यदि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर नहीं होते तो मुलायम सिंह यादव किसी जमींदार की भैंस चराते खेत-खलिहान में नजर आते।
चुनावी सभाओं में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को बुआ और फुआ कह कर चुटकी लेने वाले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर वह बिफर पड़ीं। बोलीं, बाप से ज्यादा जहरीला है बेटा।