AAP: चार दिन की सादगी, अब लेने लगे बंगला-गाड़ी!
अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी चुनाव से पहले और प्रचार के दौरान यह दावा करते रहे कि वे लोग नई राजनीति की शुरुआत कर रहे हैं और वीआईपी संस्कृति को सत्ता में दाखिल नहीं होने देंगे।
बंगले पर बवालः डुप्ले नहीं लेंगे सीएम केजरीवाल
लेकिन विधानसभा में अपनी सरकार बचाने के अगले ही रोज अरविंद केजरीवाल के 'लग्जरी' फ्लैट और 'आम आदमी' के मंत्रियों के सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल को लेकर ऐसा हल्ला मचा कि जवाब देना भारी हो गया।
यह सही है कि सरकारी बंगला और गाड़ी इस्तेमाल करने में कहीं कोई हर्ज नहीं है। यह मुख्यमंत्री और मंत्रियों का हक है, लेकिन आम आदमी पार्टी के हर नेता का बारीक से बारीक कदम देश की निगाहें खिंचेगा, यह पहले से तय था। पढ़िए AAP पर सादगी छोड़कर लग्जरी चोला ओढ़ने का इल्जाम क्यों लग रहा है?
केजरीवाल ने लिया दस कमरों वाले दो डुप्ले!
आज सवेरे एक अखबार ने यह खबर देकर हड़कंप मचा दिया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के रहने के लिए लुटियंस दिल्ली में भगवान दास रोड पर दो डुप्ले चुने हैं, जिनमें कुल दस कमरे हैं।
अरविंद केजरीवाल कहते आ रहे थे कि वह सरकारी बंगला नहीं लेंगे और अपने ही घर में रहेंगे। शपथ लेने वाले दिन वह राजघाट के पास एक गेस्ट हाउस में ठहरे थे।
गुरुवार को विधानसभा में भाजपा नेता डॉ. हर्षवर्धन ने सवाल उठाया था कि विश्वास मत हासिल करने से पहले ही दिल्ली सरकार ने केजरीवाल के लिए दो सरकारी बंगले चिन्हित कर लिए हैं। केजरीवाल के सरकारी निवास करीब 9000 वर्ग फुट में फैला है। दोनों डुप्ले में कुल दस कमरे हैं।
CM की सफाई, आपको तो खुश होना चाहिए...
केजरीवाल को शुक्रवार को विधानसभा में दूसरी बड़ी कामयाबी मिली, जब उनकी पार्टी के एम एस धीर असेंबली स्पीकर चुन लिए गए। लेकिन जैसे ही वह बाहर निकले, मीडिया ने मकान को लेकर उन पर सवालों की बारिश कर दी।
उन्होंने कहा, "कोई बंगला नहीं है। पांच-पांच कमरों के दो डुप्ले हैं। हम एक ही घर में रहेंगे। दूसरा ऑफिस के लिए इस्तेमाल होगा। आपको तो खुश होना चाहिए। देर रात और सुबह निकलते ही काम करना शुरू कर देंगे।"
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "पांच कमरे के मकान में रहने का क्या हर्ज है। आप चाहें, तो वहां जाकर देख सकते हैं। मैं पहले भी चार कमरे के मकान में रहता था, अब पांच कमरे हैं। ज्यादा फर्क तो नहीं है। और अगर आप लोगों को ऐतराज है, तो वहां नहीं रहेंगे।"
कुमार का इल्जाम, प्रोपेगंडा है यह सब!
अरविंद केजरीवाल के मकान को लेकर मचा बवाल जब आम आदमी पार्टी के नेताओं के कानों तक पहुंचा, तो उन्होंने बचाव करने में कोई कोताही नहीं बरती।
आम आदमी पार्टी के नेता और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कुमार विश्वास ने कहा कि यह सब कुछ नहीं, बस पार्टी के लिए दुष्प्रचार है। मीडिया का एक धड़ा, जिसमें एक कांग्रेसी नेता का चैनल है, भ्रम फैला रहा है।
कुमार विश्वास ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने केवल दो कमरों का मकान लिया है। जिस दूसरे डुप्ले की बात हो रही है, वह कुछ और नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के कार्यालय के रूप में काम करेगा, जिसे कैंप ऑफिस कहा जाता है। अब इसे लेकर हल्ला क्यों मचाया जा रहा है।
अब AAP ऑटो नहीं, सरकारी कार में सवार
शपथ ग्रहण समारोह और उसके बाद हाल तक ऑटो या दूसरे सार्वजनिक वाहनों से विधानसभा पहुंच रहे आम आदमी पार्टी के मंत्रियों के सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठे।
सरकारी कार इनोवा में सवार होकर जा रही महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री राखी बिरला से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ेगी तो हम सरकारी गाड़ी लेंगे। क्यों नहीं लेंगे, जरूर लेंगे और डंके की चोट पर लेंगे! हमने लाल बत्ती वाली गाड़ी से मना किया था, सरकारी गाड़ी के बारे में कुछ नहीं कहा था"
दिल्ली के नए शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सफाई दी कि गाड़ी न लेने का कोई वादा नहीं किया गया था। यह बात और है कि केजरीवाल ने कहा था कि विधायकों से यह हलफनामा दाखिल कराया जाना चाहिए कि वह सरकारी गाड़ी या बंगला नहीं लेंगे!
भाजपा का हमला, कांग्रेस साथ!
भाजपा नेताओं ने विश्वास मत प्रस्ताव के दौरान सरकार बंगले और कार को लेकर हमला बोला था। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा था कि हमें जानकारी मिली है कि दिल्ली सरकार की तरफ से केजरीवाल के लिए दो मकान बुक करा दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हमें इस पर ऐतराज नहीं है कि वह मकान लें या कुछ और, लेकिन कम से कम पहले विश्वास मत तो हासिल कर लें। भाजपा ने कहा कि यह सब खबरें साबित करती हैं कि केजरीवाल और उनकी टीम नाटक कर रही थी और सच्चाई सामने आ रही है।
हालांकि, दिल्ली में केजरीवाल को सरकार बनाने में मदद देने वाली कांग्रेस नरम रुख अपनाए हुए है। दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "वह सरकारी बंगला लें या न ले, सरकारी गाड़ी लें या न लें, यह उनकी व्यक्तिगत राय है। हमने न पहले इस पर कुछ कहा था, न अब कह रहे हैं।"