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वालमार्ट मामले की रिटायर्ड जज करेंगे जांच
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 12 Dec 2012 01:32 PM IST
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सरकार ने विपक्ष के दबाव के आगे घुटने टेकते हुए वालमार्ट मामले की समयबद्घ जांच रिटायर्ड जज से कराने का निर्णय लिया है। संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने लोकसभा में यह घोषणा की।
कमलनाथ ने कहा कि वह वालमार्ट के बारे में अमेरिकी सीनेट की रिपोर्ट को लेकर सदस्यों की चिंताओं से सहमत हैं। सरकार इस मामले की एक रिटायर्ड न्यायाधीश से समयबद्ध जांच कराएगी।
घोषणा के बाद कई विपक्षी सदस्यों ने संससदीय कार्य मंत्री से जानना चाहा कि जांच को कितने समय में पूरा किया जाएगा। इस पर अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि मंत्री घोषणा कर चुके हैं लिहाजा वे अपनी सीट पर बैठ जाएं।
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कमलनाथ ने कहा कि सरकार ने प्रकरण की समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की सदस्यों की मांग मान ली है। अगर सदस्य इस संबंध में कोई और सुझाव देना चाहते हैं तो उन्हें दे सकते हैं।
अमेरिकी सीनेट की रिपोर्ट के अनुसार वालमार्ट ने भारत में मल्टीब्रांड खुदरा व्यापार में प्रवेश के लिए लाबिंग पर लगभग 125 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
वालमार्ट ने इस मामले में अपने कुछ भारतीय अधिकारियों को निलंबित भी किया है। गौरतलब है कि इस मामले की जांच कराने के लिए विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन में मंगलवार को कोई कामकाज नहीं हो सका था।
विपक्ष के अलावा सरकार को समर्थन दे रहे दलों समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भी इस मामले की
न्यायिक या संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग की थी।
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कमलनाथ ने कहा कि वह वालमार्ट के बारे में अमेरिकी सीनेट की रिपोर्ट को लेकर सदस्यों की चिंताओं से सहमत हैं। सरकार इस मामले की एक रिटायर्ड न्यायाधीश से समयबद्ध जांच कराएगी।
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घोषणा के बाद कई विपक्षी सदस्यों ने संससदीय कार्य मंत्री से जानना चाहा कि जांच को कितने समय में पूरा किया जाएगा। इस पर अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि मंत्री घोषणा कर चुके हैं लिहाजा वे अपनी सीट पर बैठ जाएं।
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कमलनाथ ने कहा कि सरकार ने प्रकरण की समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की सदस्यों की मांग मान ली है। अगर सदस्य इस संबंध में कोई और सुझाव देना चाहते हैं तो उन्हें दे सकते हैं।
अमेरिकी सीनेट की रिपोर्ट के अनुसार वालमार्ट ने भारत में मल्टीब्रांड खुदरा व्यापार में प्रवेश के लिए लाबिंग पर लगभग 125 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
वालमार्ट ने इस मामले में अपने कुछ भारतीय अधिकारियों को निलंबित भी किया है। गौरतलब है कि इस मामले की जांच कराने के लिए विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन में मंगलवार को कोई कामकाज नहीं हो सका था।
विपक्ष के अलावा सरकार को समर्थन दे रहे दलों समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भी इस मामले की
न्यायिक या संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग की थी।