{"_id":"792bb790506e2ece64ffb92756aefa4c","slug":"new-child-hospital-will-open-in-kgmu","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल्द खुलेगा बच्चों का अलग अस्पताल ","category":{"title":"City and States Archives","title_hn":"शहर और राज्य आर्काइव","slug":"city-and-states-archives"}}
जल्द खुलेगा बच्चों का अलग अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 10 Feb 2014 11:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिकित्सा विश्वविद्यालय में बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
इस समय जो सबसे बड़ी उपलब्धि है वह यह कि हमने किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट की शुरुआत की है। अंगदान तो हमारे संस्थान में हो जाता है लेकिन ट्रांसप्लांट के लिए हमें संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) की मदद लेनी होती है।
हम खुद ही ट्रांसप्लांट भी कर सकें, इसकी अनुमति के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। इसके लिए निरीक्षण भी हो चुका है। जैसे ही अनुमति मिल जाएगी, हम यहां पर ट्रांसप्लांट भी कर सकेंगे।
विज्ञापन
इसके अलावा केजीएमयू के अंदर ही हम चिल्ड्रेन हॉस्पिटल शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें बच्चों की सभी तरह की बीमारियों का इलाज एक ही जगह हो सकेगा। इसके लिए भी सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार की ओर से चलने वाली सभी स्वास्थ्य योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके लिए कुलपति के निर्देशन में कोशिश की जा रही है कि असाध्य रोग योजना, बीपीएल कार्ड धारकों को मुफ्त इलाज, आरोग्य निधि, कैंसर मरीजों को मुफ्त इलाज जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकें।
महिलाओं के लिए क्वीन मेरी अस्पताल का विस्तार किया जा रहा है। इसमें 100 बेड होंगे ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को मैटरनिटी की सुविधा उपलब्ध हो सके। गांधी मेमोरियल अस्पताल के मेडिसिन विभाग में भी 12 बेड बढ़ाए जा रहे हैं।
छात्रों के लिए भी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। लड़कों के लिए टीजी हॉस्टल के पास 100 बेड का छात्रावास और बनाया गया है। लड़कियों के लिए भी 100 बेड का एक और हॉस्टल बनाया जाएगा।
ट्रॉमा सेंटर में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग
ट्रॉमा सेंटर का विस्तार किया जा रहा है। अभी चार मंजिल का है। इसमें दो मंजिल और बन रही हैं। यहां एक ब्लॉक में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग बनेगा। अभी हमें मेडिसिन के लिए विभागों से डॉक्टर बुलाने पड़ते हैं।
नए विभाग में ट्रॉमा सेंटर के लिए ही अलग से डॉक्टर होंगे। इसके लिए 50 नए डॉक्टर भी नियुक्त होंगे। इसके लिए राज्य सरकार से अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही ये डॉक्टर हमको मिल जाएंगे। इससे मरीजों को बहुत लाभ होगा।
शताब्दी 30 बेड का नया आईसीयू
शताब्दी अस्पताल में इस समय पांच विभाग हैं। इलाज चल रहा है। अब तो ऑपरेशन भी शुरू हो गए हैं। इसको भी विस्तार देते हुए 30 बेड का नया आईसीयू खोला जाएगा। इसका भी काम चल रहा है। जल्द ही इसकी शुरुआत होगी।