फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Meet to Classical Singer and Bank Manager Aaditaya Khandwe

मिलिए, शास्त्रीय संगीत के महारथी बैंक मैनेजर से

Sun, 03 Aug 2014 01:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 03 Aug 2014 01:21 PM IST
विज्ञापन
Meet to Classical Singer and Bank Manager Aaditaya Khandwe

गुरु शिष्य परंपरा के तहत मैंने जयपुर घराने से गायकी की शिक्षा स्व. धोंडूताई से ली है। धोंडूताई गायकी में कोई ढील नहीं बरतती थीं। वह एक राग को 108 बार गाने के लिए कहती थीं।

विज्ञापन


एक बार भी गलती हो जाए तो फिर से वही सिलसिला शुरू करना पड़ता था। यह कहना है जयपुर घराने के गायक आदित्य खांडवे का। आदित्य शनिवार शाम भारतीय विद्या भवन सेक्टर-27 में प्रस्तुति देने पहुंचे।
विज्ञापन


आदित्य ने बताया उनकी मां मुंबई यूनिवर्सिटी में म्यूजिक की प्रोफेसर हैं, जिस वजह से बचपन से ही घर में संगीत का माहौल रहा। इस कारण उनकी चाहत भी संगीत की तरफ हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


महज चार साल की उम्र से घर से गायकी सीखने के बाद 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने पंडित रत्नाकार पाईजी से गायकी की विद्या ली। इसके बाद उन्होंने स्व. धोंडूताई से गायकी की तालीम हासिल की। आदित्य ने बतसर करीब 25 साल से वह गायकी से जुड़े हैं और इस दौरान उन्होंने विश्वभर में स्टेज प्रस्तुति दी है।

इन दिनों वह एक प्राइवेट बैंक में बतौर मैनेजर कार्यरत हैं। जिसके बारे में उन्होंने बताया उन्हें मैनेजमेंट बहुत पसंद है। इससे जिंदगी को भी मैनेज करने में काफी मदद मिलती है।

आदित्य के राग मलहार ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
इंडियन नेशनल थियेटर द्वारा भारतीय विद्या भवन सेक्टर-27 में ‘मल्हारोत्सव’ संगीत संध्या का आयोजन किया गया। संध्या में आदित्य ने राग मल्हार के विभिन्न रागों की प्रस्तुति दी।

आदित्य ने कार्यक्रम की शुरुआत राग गौड़ मल्हार में विलंबित तीन ताल में निबद्ध ‘मान न करिये’ से की। इसके बाद द्रुत तीन ताल में ‘प्यारे लाडेसी झूले’ गाया। दर्शकों ने आदित्य के हर एक राग को तालियों के साथ नवाजा।


आदित्य ने अंत में राग मीरा बाई की मल्हार में विलंबित झपताल में निबद्ध ‘तुम घन से’ रचना प्रस्तुत की। आदित्य खांडवे के साथ हारमोनियम पर विनय मिश्र और तबले पर महमूद खान ने संगत दी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed