नैनीताल: हुक्का बार में पुलिस की रेड, दुबई ब्रांड के आठ हुक्के और फ्लेवर जब्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी में शीशमहल स्थित हुक्का बार की सील तोड़कर जांच टीम ने मुआयना किया। पुलिस ने अंदर मौजूद दुबई ब्रांड के आठ हुक्कों के साथ विदेशी फ्लेवर को जब्त कर लिया। जब्त किए गए माल को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा।
सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर फूड इंस्पेक्टर कैलाश टम्टा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलबीर सिंह भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी के साथ शीशमहल स्थित हुक्का बार पहुंचे। टीम में शामिल अधिकारियों ने हुक्का बार की सील तोड़कर अंदर जांच करना शुरू किया। बार के मालिक मोहित गांधी का तर्क था कि इस फ्लेवर से नशा नहीं होता है। शरीर के लिए फ्लेवर कोई नुकसानदायक नहीं है।
फूड इंस्पेक्टर ने पूछा कि क्या उसके पास रेस्टोरेंट का लाइसेंस है। खाते समय किसी प्रकार का धुआं करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। फ्लेवर की जांच करने पर पता चला कि वे दुबई ब्रांडेड हैं। सभी पैकेटों पर लिखा गया था कि इसका प्रयोग सिर्फ बालिग ही करेंगे। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड में हुक्का बार चलाना प्रतिबंधित है। पुलिस ने मौके से आठ हुक्कों का पूरा सेट और फ्लेवर को जांच के लिए जब्त कर लिया।
जांच टीम का कहना है कि जांच के बाद पता चलेगा कि फ्लेवर में निकोटीन की कितनी मात्रा है। चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने बताया कि शनिवार को दुर्गा सिटी सेंटर के हुक्का बार की सील तोड़कर कार्रवाई की जाएगी।
रेस्टोरेंट मालिक को नोटिस दिया
फूड इंस्पेक्टर कैलाश टम्टा ने रेस्टोरेंट मालिक मोहित गांधी को 14 दिन का अल्टीमेटम देते हुए नोटिस दिया। नोटिस में कहा गया कि लाइसेंस की शर्तों के मुताबिक सिर्फ खाना खिलाने का काम होना चाहिए। अन्य प्रकार की गतिविधियां दूसरी बार जांच में मिलने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
ये मिले फ्लेवर
रेस्टोरेंट में हुक्के के साथ वाटर मेलन, ब्रेन फेजर, बबल गम, मिंट, डबल एपल सहित अन्य फ्लेवर मौजूद थे। रेस्टोरेंट मालिक ने बताया कि वह दुबई से ही फ्लेवर मंगाता है। सभी हुक्के भी दुबई से खरीदे गए हैं। दुकान में 18 से कम उम्र के बच्चों के आने पर रोक है।
फ्रांस से मिली थी तरकीब
रेस्टोरेंट मालिक मोहित गांधी ने बताया कि वह फ्रांस में एफएमडी के पद पर कार्यरत था। उसे साढ़े चार लाख रुपये महीना सैलरी मिलती थी। लेकिन अपने देश में काम करने के लिए उसने यहां रेस्टोरेंट खोला। फ्रांस से वह सोचकर आया था।