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डीएम का डॉक्टरों को निर्देश, हर मरीज को न लिखें रेमडेसिविर

Tue, 20 Apr 2021 09:44 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 20 Apr 2021 09:44 PM IST
सार

जिलाधिकारी ने सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों के साथ की बैठक
कहा, बेड की संख्या के सापेक्ष आवश्यक ऑक्सीजन सिलिंडर की संख्या करें निर्धारित

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DM's instructions to doctors, do not write Remedisvir to every patient
जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने मंगलवार को सर्किट हाउस में सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों की बैठक की। उन्होंने कहा, एक-एक हास्पिटल में बेड की उपलब्धता, भर्ती कोविड मरीजों की संख्या तथा बेड की संख्या के सापेक्ष आवश्यक ऑक्सीजन सिलिंडर की संख्या निर्धारित करते हुए उसका प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है।

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जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल मरीज को प्रेस्क्रिप्शन में पर्चे पर रेमडेसिविर इंजेक्शन लिखने से तीमारदार दवा की दुकानों पर खरीदने के लिए दौड़ रहे हैं। सीमित आपूर्ति के कारण दुकानों पर उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को आवश्यक हो तो उस मरीज का नाम आक्सीजन लेवल मोबाइल नंबर व पता आदि लिख कर प्रभारी डॉ. संजय राय को भेजे। इंजेक्शन अनावश्यक रूप से न लिखा जाए। अगर किसी के द्वारा इंजेक्शन की कालाबाजारी की शिकायत मिली तो कार्यवाही की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जो अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन तथा मरीजों से अधिक चार्ज लेने आदि की शिकायतों की जांच नियमित करते रहेंगे।

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व्हाट्स एप पर मिलेगा चिकित्सकीय परामर्श
जिलाधिकारी ने बताया कि कंट्रोल रूम के व्हाट्सएप नंबर 8081924276 पर कोई भी व्यक्ति अपना नाम, उम्र, पता, कॉन्टेक्ट नंबर सहित मेडिकल पेपर उपलब्ध है तो इसे भी व्हाट्सएप करके आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकता है। इस व्हाट्सएप नंबर पर कॉल रिसीव नहीं किया जाएगा।

मरीजों की सहूलियत के लिए करें काम
जिलाधिकारी ने ऑक्सीजन की उपलब्धता तथा मरीजों के भर्ती किए जाने को सुदृढ बनाने के लिए 15 अधिकारियों की तैनाती की। इन अधिकारियों की बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि अपने-अपने अस्पतालों में बेड की उपलब्धता, मरीजों के भर्ती होने, डिस्चार्ज होने, सिलेंडर की उपलब्धता बनाए रखना सुनिश्चित करें। समय-समय पर मरीजों का फीडबैक उपलब्ध कराएं। प्रत्येक दिन अपनी सूचना अपने नोडल अधिकारी एवं कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएं।

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