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ठेका नीलामी पर रोक लगाए जाने की मांग
mahoba
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:05 AM IST
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प्रदर्शन करते धीमर समुदाय के लोग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महोबा। विकास खंड कबरई के ग्राम सिजहरी स्थित बड़ा तालाब का ठेका नीलामी का धीमर समुदाय समुदाय के लोगों ने विरोध किया है। धीमर समुदाय ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौैंप कर तालाब के ठेके की बोली पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
ग्राम सिजहरी निवासी बिहारी लाल, मोहन, उर्मिला, मंगलदीन, वासुदेव, ओम प्रकाश, भगवान दास, कमलेश, श्याम लाल, हरगोविंद, शिवदीन, मन प्यारे, कालीचरन और मुन्ना लाल सहित एक सैकड़ा ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 6 जनवरी तालाब की मछली पालन के लिए होने वाली बोली निरस्त कराए जाने की मांग की है। जिससे धीमर समुदाय की रोजी रोटी चल सके।
जिलाधिकारी को धीमर समुदाय के लोगो ने बताया कि गांव स्थित बड़े तालाब में धीमर समुदाय के लोग सिंघाड़े की खेती करके अपना परिवार चला रहे है। गांव में करीब एक सैकड़ा धीमर परिवार रहता है। जो छह माह सिंघाड़े की खेती करके परिवार चलाता है और गर्मी के दिन में तालाब सूख जाने पर सब्जी की पैदावार करता है। जिससे उनका परिवार चलता है। लेकिन सिंचाई विभाग ने 6 जनवरी 2018 को तालाब का मछली पालन के लिए ठेका करने के बावत बोली की तिथि घोषित कर दी है। ठेका होने से तालाब में मछली पालन शुरू हो जाएगा। धीमर समुदाय के लोगों ने तालाब के ठेके की बोली पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
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ग्राम सिजहरी निवासी बिहारी लाल, मोहन, उर्मिला, मंगलदीन, वासुदेव, ओम प्रकाश, भगवान दास, कमलेश, श्याम लाल, हरगोविंद, शिवदीन, मन प्यारे, कालीचरन और मुन्ना लाल सहित एक सैकड़ा ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 6 जनवरी तालाब की मछली पालन के लिए होने वाली बोली निरस्त कराए जाने की मांग की है। जिससे धीमर समुदाय की रोजी रोटी चल सके।
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जिलाधिकारी को धीमर समुदाय के लोगो ने बताया कि गांव स्थित बड़े तालाब में धीमर समुदाय के लोग सिंघाड़े की खेती करके अपना परिवार चला रहे है। गांव में करीब एक सैकड़ा धीमर परिवार रहता है। जो छह माह सिंघाड़े की खेती करके परिवार चलाता है और गर्मी के दिन में तालाब सूख जाने पर सब्जी की पैदावार करता है। जिससे उनका परिवार चलता है। लेकिन सिंचाई विभाग ने 6 जनवरी 2018 को तालाब का मछली पालन के लिए ठेका करने के बावत बोली की तिथि घोषित कर दी है। ठेका होने से तालाब में मछली पालन शुरू हो जाएगा। धीमर समुदाय के लोगों ने तालाब के ठेके की बोली पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
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