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यूथ पार्लियामेंट भी आई गिरते रुपए की चपेट में
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Wed, 04 Sep 2013 02:27 AM IST
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एक के बाद एक घोटालों, विवादों और गिरते रुपये ने मंगलवार को सरकार को भारी मुश्किलों में डाल दिया। महंगाई रोकने और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को असफल बताते हुई विपक्ष ने सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया।
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रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दाम, पाकिस्तानी और चीनी सेना की घुसपैठ से लेकर कोयला खनन और टू जी स्पेक्ट्रम का जिन्न ऐसे निकला कि रक्षा मंत्री से लेकर कोयला मंत्री तक सबकी बोलती बंद हो गई।
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महिला सुरक्षा और गिरती विकास दर पर विपक्ष की तीखी टिप्पणियों पर सरकार के मंत्री बगलें झांकते नजर आए। हालांकि, यहां भी सत्ता पक्ष लगातार अपनी उपलब्धियों का बखान करता नजर आया...।
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हम बात कर रहे हैं केंद्रीय विद्यालय संगठन की यूथ पार्लियामेंट की। राजधानी के केंद्रीय विद्यालय अलीगंज में मंगलवार को आयोजित इस यूथ पार्लियामेंट का नजारा हमारी वास्तविक व्यवस्था से अलग ही रहा।
यहां न तो सांसदों ने एक-दूसरे पर कुर्सियां चलाईं और न ही सदन की कार्यवाही को स्थगित करने की कोशिश की। यहां सिर्फ चर्चा हुई। चर्चा भी ऐसे मुद्दों पर जिनसे आम जनता का हित जुड़ा हो।
स्कूली बच्चों को देश की विधायिका की कार्यप्रणाली से रूबरू कराने के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन ने पहल की है। इसी कड़ी में मंगलवार को राजधानी के केंद्रीय विद्यालय अलीगंज में 26वीं नेशनल यूथ पार्लियामेंट रीजनल राउंड कॉम्पटीशन का आगाज किया गया।
राज्यसभा के पूर्व सदस्य एपी गौतम ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रतियोगिता में पहले दिन केंद्रीय विद्यालय एएमसी लखनऊ, केंद्रीय विद्यालय उन्नाव और केंद्रीय विद्यालय चकेरी नंबर-दो के बच्चों ने भाग लिया।
केंद्रीय विद्यालय संगठन की सहायक आयुक्त संध्या श्रीवास्तव और केंद्रीय विद्यालय आईआईटी कानपुर के कन्हैया तिवारी न्यायाधीश के रूप में मौजूद थे। यूथ पार्लियामेंट की कार्यवाही सुबह दस बजे स्पीकर आयुषी मौर्या की अनुमति के साथ शुरू हुई और सबसे पहले महंगाई पर चर्चा हुई।
खड़े किए कई सवाल
केवी की इस यूथ पार्लियामेंट ने कई ऐसे सवालों को जन्म दिया जिन पर शायद ही कभी संसद में सार्थक बहस के बाद कोई हल निकाला गया हो। विपक्ष ने सरकारी नीतियों को खराब स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया।
विपक्ष से प्रियंका विष्ट ने सरकार को सीमा सुरक्षा के मामले पर घेरा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना लगातार भारतीय सैनिकों की निर्मम हत्या जैसे जघन्य अपराध कर रही है।
इसके बावजूद रक्षा मंत्रालय चुप बैठा है। इतना ही नहीं, पाकिस्तानी नेताओं को चाय पर आमंत्रित किया जा रहा है। सरकार का ये रवैया भारतीय सैनिकों के हौसले तोड़ रहा है।
वहीं, चीनी घुसपैठ पर भी सरकार को सवालों के घेरे में लिया गया। युवा संसद में आतंकवाद, बाढ़, विकास दर और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जोरदार बहस हुई।
युवा सांसदों ने जिस अनुशासन के साथ कार्यक्रम को प्रस्तुत किया, वह एक आदर्श रहा। सकारात्मक सोच के साथ बहस कर इन बच्चों ने देश को एक नई दिशा देने का प्रयास किया।