{"_id":"d1d3db2fbd6922e02b912dfdafa3f273","slug":"youth-festival-in-bbau-from-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"दम दिखाने को तैयार मेहमान और मेजबान ","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
दम दिखाने को तैयार मेहमान और मेजबान
शैलेष अरोड़ा/लखनऊ
Updated Fri, 15 Nov 2013 01:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी यूथ फेस्टिवल ‘तरुण उल्लास-2013’ में भागीदारी करने के लिए देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों की टीमें बृहस्पतिवार से बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में जुटना शुरू हो गई हैं।
आने वाली टीमों की मेहमान नवाजी में किसी तरह की कसर न रह जाए इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही यहां के स्टूडेंट्स भी पूरी तरह से तैयार हैं।
मेहमानों के खाने-पीने की भी व्यवस्था कर ली गई है। बाहर से आने वाले स्टूडेंट्स लखनऊ को करीब से जानने के लिए खासे उत्साहित हैं। बीबीएयू में गुरुवार को पहुंचे कुछ स्टूडेंट्स हॉस्टल में सामान रखकर कैंपस घूमने निकल पड़े।
विज्ञापन
हालांकि बहुत से स्टूडेंट्स को यहां एक अच्छी कैंटीन की कमी खल रही है।
नवाबों का शहर देखने को उत्साहित
विभिन्न यूनिवर्सिटी से बीबीएयू पहुंचे स्टूडेंट्स विभिन्न प्रतियोगिताओं में भागीदारी को लेकर जितना उत्साहित हैं उतना ही लखनऊ की खास चीजें देखने के लिए भी। कोई यह जानना चाहता है कि आखिर इसे नवाबों का शहर क्यों कहा जाता है तो कोई इमामबाड़ा घूमने को उतावला है।
कैंपस पहुंचने के कुछ ही देर बाद यह स्टूडेंट्स दोस्तों साथ शहर घूमने निकल पड़े। पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से आई शीना ने लखनऊ के बारे में सुना तो काफी कुछ है। लेकिन इस शहर में आने का मौका उन्हें पहली बार मिला है।
शीना को यहां यहियागंज और नाका गुरुद्वारा, सहारागंज मॉल और अंबेडकर पार्क देखने जाना है। इसी यूनिवर्सिटी से आई दीपिका को तो लखनऊ की मशहूर चिकन की कढ़ाई के कपड़ों की शॉपिंग करनी है।
दीपिका ने बताया कि जैसे ही टाइम मिलेगा वे पूरी फैमिली के लिए चिकन के कपड़े खरीदने जाएंगी। इसके लिए वे बीबीएयू स्टूडेंट्स से जानकारी भी ले रही हैं।
बिरयानी और कबाब का चखना है स्वाद
यार यहां के किसी स्टूडेंट से पता करो कि इमामबाड़ा, चारबाग और रेजिडेंसी कहां है। गुरू अंगद देव वेटेरिनेरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, पंजाब से आए आशीष, सगल, रमन और योगेश ने राजधानी में आने से पहले इंटरनेट पर यहां के बारे में काफी जानकारी जुटाई है।
जैसे यहां घूमने की जगह, खाने-पीने की मशहूर चीजें आदि। बृहस्पतिवार को लखनऊ पहुंचने के बाद वे स्थानीय स्टूडेंट्स से यहां की अन्य मशहूर चीजें के बारे में जानकारी करने लगे।
आशीष ने बताया कि वे लखनऊ के ऐतिहासिक और मशहूर स्थलों पर जाकर फोटोग्राफी करना चाहता है। सगल और रमन को तो लखनऊ की बिरयानी और टुंडे के कबाब का स्वाद चखना है।
हालांकि सगल को बीबीएयू में एक अच्छी कैंटीन और कैंपस में कन्वेंस की कमी खल रही है। योगेश ने बताया कि उसने लखनऊ की नवाबी तहजीब और संस्कृति के बारे में काफी कुछ सुन रखा है। वे तो बस इसे देखना चाहते हैं।
अधिकारियों ने लिया तैयारियों का जायजा
बाहर से आने वाली टीमों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. एमवाई खान, एडीएसडब्लू डॉ. दीपा ने अपनी टीम के साथ बृहस्पतिवार को सभी हॉस्टल्स में जाकर जायजा लिया।
जो स्टूडेंट्स बाहर से आ चुके थे उनसे भी इन लोगों ने बात की। बीबीएयू के हॉस्टल्स में रहने वाले स्टूडेंट्स भी पूरी तरह से बाहर से आने वाले इन मेहमानों की सुविधाओं का ध्यान रख रहे हैं।
इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन के कुछ अन्य अधिकारियों ने भी अंतिम चरण की तैयारियों का जायजा लिया।
बीबीएयू के स्टूडेंट्स भी उत्साहित
बीबीएयू में पढ़ रहे स्टूडेंट्स के लिए यूथ फेस्टिवल अब तक का सबसे बड़ा समारोह है। इसे लेकर वे काफी उत्साहित हैं। पहले ही दिन यह लोग बाहर से आने वाले स्टूडेंट्स के साथ काफी घुल-मिल गए और साथ में घूमते दिखे।
बीबीएयू की स्टूडेंट वर्षा ने बताया कि उसने बाहर से आए कई स्टूडेंट्स से न सिर्फ इंटरेक्ट किया बल्कि उनके कॉन्टेक्ट नंबर और ई-मेल आईडी भी एक्सचेंज किए।
कई स्टूडेंट्स तो कुछ ही देर में इतने अच्छे दोस्त बन गए कि तुरंत अपने मोबाइल और टैबलेट से एक दूसरे को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर जोड़ने लगे।
जीत का परचम लहराने की तैयारी
फेस्टिवल में सबसे अच्छी प्रस्तुति देकर जीत का परचम लहराने के लिए बीबीएयू की टीम के स्टूडेंट्स बृहस्पतिवार को भी देर शाम तक प्रैक्टिस करते रहे।
‘माईम’ की तैयारी कर रहे अनिल ने बताया कि उनकी टीम अपना बेस्ट परफॉर्मेंस देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए वे लोग कई दिन से कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अब तो बस एक ही सपना है।
पहला पुरस्कार अपनी यूनिवर्सिटी के नाम करना। इनकी टीम में शालिनी, देवेंद्र, चंद्रशेखर, विवेक और अरशद शामिल हैं। दूसरी तरफ क्लासिकल डांस, ग्रुप डांस, सोलो सिंगिंग के लिए भी मास कम्यूनिकेशन, बीपीटी और होम साइंस के स्टूडेंट्स प्रैक्टिस करते दिखे। इन लोगों के साथ ही बीबीएयू के टीचर्स भी कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
विज्ञापन
आने वाली टीमों की मेहमान नवाजी में किसी तरह की कसर न रह जाए इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही यहां के स्टूडेंट्स भी पूरी तरह से तैयार हैं।
विज्ञापन
मेहमानों के खाने-पीने की भी व्यवस्था कर ली गई है। बाहर से आने वाले स्टूडेंट्स लखनऊ को करीब से जानने के लिए खासे उत्साहित हैं। बीबीएयू में गुरुवार को पहुंचे कुछ स्टूडेंट्स हॉस्टल में सामान रखकर कैंपस घूमने निकल पड़े।
विज्ञापन
हालांकि बहुत से स्टूडेंट्स को यहां एक अच्छी कैंटीन की कमी खल रही है।
नवाबों का शहर देखने को उत्साहित
विभिन्न यूनिवर्सिटी से बीबीएयू पहुंचे स्टूडेंट्स विभिन्न प्रतियोगिताओं में भागीदारी को लेकर जितना उत्साहित हैं उतना ही लखनऊ की खास चीजें देखने के लिए भी। कोई यह जानना चाहता है कि आखिर इसे नवाबों का शहर क्यों कहा जाता है तो कोई इमामबाड़ा घूमने को उतावला है।
कैंपस पहुंचने के कुछ ही देर बाद यह स्टूडेंट्स दोस्तों साथ शहर घूमने निकल पड़े। पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से आई शीना ने लखनऊ के बारे में सुना तो काफी कुछ है। लेकिन इस शहर में आने का मौका उन्हें पहली बार मिला है।
शीना को यहां यहियागंज और नाका गुरुद्वारा, सहारागंज मॉल और अंबेडकर पार्क देखने जाना है। इसी यूनिवर्सिटी से आई दीपिका को तो लखनऊ की मशहूर चिकन की कढ़ाई के कपड़ों की शॉपिंग करनी है।
दीपिका ने बताया कि जैसे ही टाइम मिलेगा वे पूरी फैमिली के लिए चिकन के कपड़े खरीदने जाएंगी। इसके लिए वे बीबीएयू स्टूडेंट्स से जानकारी भी ले रही हैं।
बिरयानी और कबाब का चखना है स्वाद
यार यहां के किसी स्टूडेंट से पता करो कि इमामबाड़ा, चारबाग और रेजिडेंसी कहां है। गुरू अंगद देव वेटेरिनेरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, पंजाब से आए आशीष, सगल, रमन और योगेश ने राजधानी में आने से पहले इंटरनेट पर यहां के बारे में काफी जानकारी जुटाई है।
जैसे यहां घूमने की जगह, खाने-पीने की मशहूर चीजें आदि। बृहस्पतिवार को लखनऊ पहुंचने के बाद वे स्थानीय स्टूडेंट्स से यहां की अन्य मशहूर चीजें के बारे में जानकारी करने लगे।
आशीष ने बताया कि वे लखनऊ के ऐतिहासिक और मशहूर स्थलों पर जाकर फोटोग्राफी करना चाहता है। सगल और रमन को तो लखनऊ की बिरयानी और टुंडे के कबाब का स्वाद चखना है।
हालांकि सगल को बीबीएयू में एक अच्छी कैंटीन और कैंपस में कन्वेंस की कमी खल रही है। योगेश ने बताया कि उसने लखनऊ की नवाबी तहजीब और संस्कृति के बारे में काफी कुछ सुन रखा है। वे तो बस इसे देखना चाहते हैं।
अधिकारियों ने लिया तैयारियों का जायजा
बाहर से आने वाली टीमों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. एमवाई खान, एडीएसडब्लू डॉ. दीपा ने अपनी टीम के साथ बृहस्पतिवार को सभी हॉस्टल्स में जाकर जायजा लिया।
जो स्टूडेंट्स बाहर से आ चुके थे उनसे भी इन लोगों ने बात की। बीबीएयू के हॉस्टल्स में रहने वाले स्टूडेंट्स भी पूरी तरह से बाहर से आने वाले इन मेहमानों की सुविधाओं का ध्यान रख रहे हैं।
इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन के कुछ अन्य अधिकारियों ने भी अंतिम चरण की तैयारियों का जायजा लिया।
बीबीएयू के स्टूडेंट्स भी उत्साहित
बीबीएयू में पढ़ रहे स्टूडेंट्स के लिए यूथ फेस्टिवल अब तक का सबसे बड़ा समारोह है। इसे लेकर वे काफी उत्साहित हैं। पहले ही दिन यह लोग बाहर से आने वाले स्टूडेंट्स के साथ काफी घुल-मिल गए और साथ में घूमते दिखे।
बीबीएयू की स्टूडेंट वर्षा ने बताया कि उसने बाहर से आए कई स्टूडेंट्स से न सिर्फ इंटरेक्ट किया बल्कि उनके कॉन्टेक्ट नंबर और ई-मेल आईडी भी एक्सचेंज किए।
कई स्टूडेंट्स तो कुछ ही देर में इतने अच्छे दोस्त बन गए कि तुरंत अपने मोबाइल और टैबलेट से एक दूसरे को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर जोड़ने लगे।
जीत का परचम लहराने की तैयारी
फेस्टिवल में सबसे अच्छी प्रस्तुति देकर जीत का परचम लहराने के लिए बीबीएयू की टीम के स्टूडेंट्स बृहस्पतिवार को भी देर शाम तक प्रैक्टिस करते रहे।
‘माईम’ की तैयारी कर रहे अनिल ने बताया कि उनकी टीम अपना बेस्ट परफॉर्मेंस देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए वे लोग कई दिन से कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अब तो बस एक ही सपना है।
पहला पुरस्कार अपनी यूनिवर्सिटी के नाम करना। इनकी टीम में शालिनी, देवेंद्र, चंद्रशेखर, विवेक और अरशद शामिल हैं। दूसरी तरफ क्लासिकल डांस, ग्रुप डांस, सोलो सिंगिंग के लिए भी मास कम्यूनिकेशन, बीपीटी और होम साइंस के स्टूडेंट्स प्रैक्टिस करते दिखे। इन लोगों के साथ ही बीबीएयू के टीचर्स भी कड़ी मेहनत कर रहे हैं।