{"_id":"76609e46147792c26311a972fe8bb2b5","slug":"year-ender-about-education","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफरनामा 2013: शिक्षा के क्षेत्र में छोड़ी छाप","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
सफरनामा 2013: शिक्षा के क्षेत्र में छोड़ी छाप
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 27 Dec 2013 06:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साल 2013 में एजुकेशन हब कहे जाने वाले देहरादून का जादू शिक्षा के क्षेत्र में छाया रहा। यहां के होनहारों ने देश भर में नाम कमाया। चिकित्सा शिक्षा हो या विश्वविद्यालयीय शिक्षा। साल भर कई बेहतर बदलाव दिखे। ऐसे ही कुछ बदलावों पर एक नजर।
विज्ञापन
चिकित्सा शिक्षा में बढ़े कदम
उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा की गाड़ी कुछ कदम और बढ़ी। वर्ष 2013 में प्रदेश की उच्च शिक्षा को मेडिकल शिक्षा में एक नई दिशा मिली।
एक ओर जहां दिसंबर माह में हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा विश्वविद्यालय की घोषणा की गई तो वहीं दूसरी ओर दून मेडिकल कॉलेज की भी स्थापना में दो कदम आगे बढ़े। दून मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने किया। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के एक परिसर की स्थापना भी सहसपुर के निकट की गई।
विज्ञापन
एजूकेशन हब का नाम हुआ रोशन
स्कूल एजूकेशन में पहले से ही देश में एजूकेशन हब के नाम से विख्यात दून के स्कूलों ने वर्ष 2013 में खूब नाम कमाया। विश्वविख्यात द दून स्कूल की प्रसिद्धी को देखने के लिए खुद डचेज आफ कार्नवाल कैमिला पार्कर दून स्कूल पहुंची।
विज्ञापन
दून स्कूल को इस वर्ष एजूकेशन वर्ल्ड मैगजीन ने देश के ब्वॉयज बॉर्डिंग स्कूल की श्रेणी में प्रथम स्थान दिया। इसके अलावा पूर्व आईआईटीयंस की संस्थान द लर्निंग प्वाइंट ने 12वीं के प्रदर्शन में वेल्हम गर्ल्स स्कूल को देश में प्रथम स्थान दिया।
द दून स्कूल 10वें, ब्राइटलैंड स्कूल 14वें, सेंट जोजेफ्स एकेडमी ने 35वें, कांवेंट ऑफ जीसस एंड मैरी ने 37वें, समरवैली स्कूल ने 43वें पायदान पर जगह बनाई। श्रीराम ग्रुप आफ एजूकेशन ने इसी वर्ष अपना स्कूल दून में स्थापित किया।
शिक्षक ने तैयार की गणित की प्रयोगशाला
राजकीय इंटर कॉलेज दूधली के शिक्षक जगदंबा प्रसाद डोभाल ने बेकार वस्तुओं से स्कूल में गणित की प्रयोगशाला तैयार की। बच्चों की मदद से तैयार की गई इस प्रयोगशाला से बच्चे गणित के कठिन सवाल आसानी से करने लगे। शिक्षक के इस उल्लेखनीय कार्य पर पहले उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
12वीं के नवीन ने दिखाई नई डगर
गांधी इंटर कॉलेज के 12वीं के छात्र नवीन कुमार टम्टा ने बेकार वस्तुओं से एक ऐसा जेनरेटर बनाया, जो न केवल आपके हाथ से बल्कि पानी की टंकी से भी चलता है।
खास बात यह है कि इस जेनरेटर से आप अपने घर में रोशनी करने के साथ ही हवा भी खा सकते हैं। नवीन के इस प्रोजेक्ट को जिला स्तर से राज्य स्तर तक पहुंचने के बाद प्रथम स्थान मिला।
अब नवीन राष्ट्रीय स्तर पर एनसीईआरटी की विज्ञान प्रदर्शनी में इस अनोखे जेनरेटर को प्रदर्शित करने जा रहा हैं। सुविधाओं के अभाव में नवीन की यह कामयाबी यादगार रहेगी।