फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   women participation in student union election

आधी आबादी को चाहिए पूरा हक

Thu, 22 Aug 2013 09:12 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 22 Aug 2013 09:12 AM IST
विज्ञापन
women participation in student union election

छात्रसंघ चुनाव में जहां प्रत्याशी चुनावी दमखम दिखा रहे हैं वहीं आधी आबादी को राजनीतिक मंच पर एक आने की दरकार है।

विज्ञापन


को-एजूकेशनल कॉलेज हों या गर्ल्स कॉलेज, एबीवीपी और एनएसयूआई जैसे संगठन हर बार लड़कियों को टिकट देने में पीछे रहते हैं। हाल ही में एनएसयूआई ने शहर के पीजी कॉलेजों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है।

इसमें डीएवी, डीबीएस और एसजीआरआर कॉलेज के प्रत्याशियों के नाम तो शामिल हैं, लेकिन एमकेपी कॉलेज में संगठन ने एक भी प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया है।

खास बात यह है कि को-एजूकेशनल कॉलेज में किसी भी संगठन ने एक भी छात्रा पर भरोसा नहीं जताया है। एमकेपी कॉलेज की छात्रसंघ अध्यक्ष महक ने बताया कि संगठन की ओर से इस बार तृप्ति को टिकट का दावेदार बनाया गया है पर घोषणा होनी बाकी है।
विज्ञापन


विकास ग्रुप के विकास नेगी ने बताया कि एमकेपी में वह अपने ग्रुप से अध्यक्ष और महासचिव पद पर चुनाव लड़वाने जा रहे हैं। भविष्य में वह डीएवी, डीबीएस जैसे कॉलेजों में भी छात्राओं को प्रमोट करेंगे। डीएवी कॉलेज में सत्यम, पट्टू, आर्यन जैसे कई ग्रुप सक्रिय हैं, लेकिन अभी तक किसी भी ग्रुप की ओर से छात्रा को चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं मिला टिकट
डीएवी कॉलेज में निर्दलीय छात्र संघ अध्यक्ष पद की तैयारी कर रही स्वाती नेगी का कहना है कि एनएसयूआई से जुड़े़ होने के दौरान उन्होंने जी-जान से चुनाव की तैयारी की थी, लेकिन लड़की होने की वजह से टिकट नहीं दिया गया है। स्वाती ने हाल ही में टिकट न मिलने से नाराज होकर संगठन से इस्तीफा दे दिया है।

इस बार हमने डोईवाला में अध्यक्ष पद पर छात्रा को टिकट दिया है। अन्य कॉलेजों में भी प्रयास किया जा रहा है। एमकेपी कॉलेज में भी जल्द ही नामों की घोषणा कर दी जाएगी। संगठन आधी आबादी को उनका हक देने को तत्पर है।
- सुमित्तर सिंह भुल्लर, अध्यक्ष, एनएसयूआई

हम महिलाओं को टिकट देना चाहते हैं, लेकिन कोई दावेदार छात्रा सामने नहीं आती है। अगर भविष्य में कोई छात्रा दावा करेगी तो निश्चित तौर पर विचार किया जाएगा।

- राकेश नेगी, आर्यन ग्रुप

संगठन द्वारा उस कैंडीडेट को टिकट दिया जाता है, जो चुनाव की तैयारी कर रहा हो। हमारे पास चुनाव की तैयारी कर रही महिलाओं की कमी होती है। अगर कोई छात्रा सामने आएगी तो निश्चित तौर पर हम टिकट देंगे।
- ओम कक्कड़, छात्र नेता, एबीवीपी

फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed