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UGC को स्कॉलरशिप शुरू नहीं करने तक विरोध की चेतावनी
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 22 Oct 2015 01:58 AM IST
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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नॉन-नेट रिसर्च स्कॉलरशिप खत्म करने के विरोध में जेएनयू छात्रसंघ समेत आइसा यूजीसी भवन के अंदर धरने पर बैठ गया है। बुधवार दोपहर तीन बजे से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। इस दौरान एक छात्र जख्मी भी हो गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि स्कॉलरशिप दोबारा शुरू नहीं करने के आदेश तक विरोध जारी रहेगा।
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ, डीएसएफ व आइसा की कॉल पर बुधवार दोपहर आईटीओ स्थित यूजीसी भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। विरोध उग्र हुआ और प्रदर्शनकारी यूजीसी का गेट तोड़ते हुए भवन के अंदर पहुंच गए। पुलिस समेत सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इसी बीच अनंत नामक एक छात्र जख्मी हो गया। विरोध के चलते प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों को यूजीसी पहुंचने की कॉल दी। इसके बाद करीब सात बजे सौ से अधिक और छात्र यूजीसी के बाहर विरोध में बैठ गए।
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आइसा की पदाधिकारी व जेएनयू की छात्रा सुचेता के मुताबिक, हम नॉन-नेट रिसर्च स्कॉलरशिप खत्म करने का विरोध करने पहुंचे थे। हमारी मांग थी कि यूजीसी चेयरमैन वेदप्रकाश हमसें मुलाकात करें, लेकिन उनकी जगह अधिकारी पहुंचे। अधिकारी ने हमें बताया कि आगामी बैठक में इस मामले को रिव्यू के लिए रखा जाएगा। यूजीसी की आगामी बैठक डेढ़ महीने बाद है। उस बैठक में यूजीसी नॉन-नेट रिसर्च स्कॉलरशिप शुरू करेगी या नहीं, इस पर संशय है। दूसरा, जो छात्र इसी स्कॉलरशिप की सहायता से पढ़ाई समेत अन्य खर्चे उठा रहे हैं, वे प्रभावित होंगे। इसलिए हम अपनी मांग पूरी हुए बिना विरोध धरने से नहीं उठेंगे।
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गौरतलब है कि एमफिल व पीएचडी छात्रों को नॉन-नेट रिसर्च स्कॉलरशिप मिलती थी। इसके तहत एमफिल के छात्रों को प्रति महीना पांच हजार और पीएचडी छात्रों को आठ हजार रुपये मिलते थे। केंद्रीय विश्वविद्यालयों के हजारों गरीब तबके के छात्र इसी फेलोशिप के माध्यम से अपने हॉस्टल से लेकर अन्य खर्चे पूरे करते हैं।