प्रदेश में तीन विश्वविद्यालय करवाएंगे वोकेशनल डिग्री
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शैक्षणिक सत्र 2016-17 से प्रदेश में तीन विश्वविद्यालय वोकेशनल डिग्री करवाएंगे। एचपीयू शिमला, तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर और वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में डिग्री करर्वाई जाएगी। वोकेशनल डिग्री के एग्जाम पैटर्र्न और सिलेबस को लेकर नई दिल्ली में बैठक हुई। इसमें नेशनल स्किल डेवलपमेंट ने तीनों विश्वविद्यालयों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा डा. अमरदेव भी बैठक में मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के दस जिला मुख्यालयों (किन्नौर, लाहौल-स्पीति को छोड़कर) में स्थित कॉलेजों में विद्यार्थी वोकेशनल डिग्री कर सकेंगे। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा दिलाने की तैयारी में शिक्षा निदेशालय जुट गया है। सूबे के दस कॉलेजों में वोकेशनल डिग्री शुरू होगी। तीन साल तक छह सेमेस्टर पूरे करने वाले छात्र को डिग्री दी जाएगी।
एक साल तक पढ़ने वाले को मिलेगा वोकेशनल डिप्लोमा
दो साल तक पढ़ने वालों को वोकेशनल एडवांस डिप्लोमा और एक साल तक पढ़ने वाले को वोकेशनल डिप्लोमा दिया जाएगा। यूजीसी की आर्थिक मदद से डिग्री और डिप्लोमा करवाया जाएगा। रिटेल मार्केटिंग, आईटी, आटोमोबाइल, हेल्थ केयर, टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी में वोकेशनल डिग्री होगी। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौवीं से लेकर जमा दो कक्षा तक करीब पांच हजार विद्यार्थी वोकेशनल कोर्स कर रहे हैं। साल 2016 में वोकेशनल कोर्स करने वाला पहला बैच पास आउट होगा। इन छात्रों के लिए कालेजों में वोकेशनल डिग्री शुरू होना लाभदायक सिद्ध होगा।
कॉलेजों में वोकेशनल बैचलर डिग्री शुरू करने के बाद शिक्षा निदेशालय ने विश्वविद्यालय स्तर पर मास्टर डिग्री और फिर पीएचडी शुरू करने की योजना भी तैयार की है। आने वाले तीन साल के भीतर मास्टर डिग्री और पीएचडी शुरू होगी। वोकेशनल डिग्री के तहत छात्रों को पारंपरिक हुनर का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने वोकेशनल डिग्री में कृषि, बागवानी और आर्ट क्राफ्ट को जोड़ने का फैसला लिया है।