{"_id":"df86abc6b169f15123199c741fa984b7","slug":"vice-chancellor-resigns-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब खुली कुलपति के इस्तीफे की परत","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
अब खुली कुलपति के इस्तीफे की परत
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 25 Feb 2015 09:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचएनबी चिकित्सा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एमसी पंत और शासन के बीच अक्सर टकराव होता था। इसकी प्रमुख वजह शासन की बेरुखी थी।
विज्ञापन
एक अफसर से उनके टकराव की गूंज कई बार सीएम हरीश रावत तक भी पहुंची। मगर मामला शांत कराने की कोशिशों के बीच स्थायी हल न होने से कुलपति ने इस्तीफा देना बेहतर समझा। प्रो. पंत को कुलपति बनाने के दो माह बाद विवि अधिनियम पास किया गया था।
विज्ञापन
नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत ठीकठाक रहने के बाद धीरे-धीरे शासन के एक अधिकारी से कुलपति की तल्खियां बढ़ती गईं। वह शासन को कोई फाइल भेजते तो फैसला होने के बजाए महीनों लग जाते। हालात यह हो गए कि विवि से जुड़े किसी भी मामले को लेकर कई बार प्रो. पंत ने सीधे मुख्यमंत्री से बात की।
विज्ञापन
इससे वह अधिकारी और ज्यादा नाराज हो गए। दूरियां इतनी बढ़ गई कि शासन और विवि के बीच संचार पूरी तरह रुक सा गया। तनाव इस कदर बढ़ गया कि अंतत: कुलपति ने इस्तीफा दे दिया। जाते वक्त खुद प्रो. पंत ने भी कबूला कि शासन स्तर की बड़ी बेरुखी उनके जाने की प्रमुख वजह है। कई बार मुख्यमंत्री से चर्चा भी की, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया।
सुस्त सर्च कमेटियों ने बढ़ाई मुश्किल
कुलपतियों की नियुक्ति के लिए बनी सर्च कमेटियों की सुस्ती भी विश्वविद्यालयों पर भारी पड़ रही है। हालात यह हैं कि पंतनगर विवि के लिए साढ़े तीन साल बाद और तकनीकी विवि के लिए डेढ़ साल बाद भी सर्च कमेटियां कुलपति नहीं खोज पाई हैं।
पंतनगर विवि की सर्च कमेटी के भेजे नाम पर विवाद के बाद मामला लंबित है। उत्तराखंड तकनीकी विवि की सर्च कमेटी का परिणाम भी अब तक सामने नहीं आया है।