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ये मिल जाए तो पीयू स्टूडेंट्स की हो जाएगी बल्ले-बल्ले

Sat, 07 Dec 2013 10:40 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 07 Dec 2013 10:40 AM IST
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VC of PU demanded land for Expanding university
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के कुलपति प्रो.अरूण कुमार ग्रोवर ने पीयू के विस्तार के लिए 180 एकड़ जमीन की मांग की है।
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शुक्रवार को यूटी गेस्ट हाऊस में चंडीगढ़ के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर आई आपत्तियों की अंतिम सुनवाई के लिए गठित बोर्ड ऑफ इंक्वायरी के समक्ष प्रो.ग्रोवर ने खुद पेश होकर यह मांग रखी।

उन्होंने कहा कि पीयू के विस्तार के लिए कैंपस के आसपास की 180 एकड़ जमीन अलॉट की जाए ताकि पीयू ने हॉस्टल, नए इंस्टीट्यूट का निर्माण करने के साथ साथ विद्यार्थियों को नई सुविधाएं दी जा सकें।
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चंडीगढ़ प्रशासन इससे पहले पीयू और पीजीआई को विस्तार के लिए जमीन देने की बात कह चुका है ताकि शहर में शिक्षा और स्वास्थ्य के मूलभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
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प्रशासन सारंगपुर में पीयू को जमीन देने पर विचार कर रहा है। मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर आई आपत्तियों की सुनवाई का काम शुक्रवार को पूरा हो गया।

अब 12 दिसंबर को बोर्ड की अगली बैठक होगी जिसमें यह तय होगा कि आपत्तियों और सुझावों को कैसे कंपाइल किया जाए। बोर्ड के सदस्य जल्द ही साइट विजिट भी करेंगे।

शुक्रवार को बोर्ड के सामने गमाडा, मोहाली के मुख्य प्रशासक एके सिन्हा और पंजाब के हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट सचिव ए वेणु प्रसाद ने न्यू चंडीगढ़ को धनास, मलोया के साथ जोड़ने की मांग रखी।

साथ ही न्यू चंडीगढ़ से पीजीआई के बीच बेहतर कनेक्टिविटी होनी चाहिए। सेक्टर-9 निवासी चांद नेहरू ने बोर्ड के समक्ष पेश होकर अपार्टमेंट एक्ट को लागू न करने की मांग रखी।

वहीं कजहेड़ी के निवासियों के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कजहेड़ी में 400 के करीब परिवार रहते हैं और उन्हें वहां से न हटाया जाए।

पंचकूला के निवासियों ने मौलीजागरां में बह रहे नाले को कवर करने की मांग रखी। इनके अलावा चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल के प्रतिनिधियों ने भी बोर्ड के सामने पेश होकर मलरा मकानों के कामर्शियल यूसेज, एफएआर में बढ़ोतरी करने सहित कई मांगों को मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में शामिल करने की मांग की।


काउंसिल के अध्यक्ष जगदीश अरोड़ा और उपाध्यक्ष कमलजीत सिंह पंछी के अलावा कई अन्य पदाधिकारी बोर्ड के सामने पेश हुए।

बोर्ड ने 22 से 29 नवंबर तक यूटी गेस्ट हाउस में आपत्तियां सुनी थीं। कई लोग बोर्ड के सामने पेश नहीं हो सके थे। इसके बाद बोर्ड ने शुक्रवार को ऐसे लोगों के लिए स्पेशल हियरिंग रखी थी।

मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर 171 लोगों की आपत्तियां और सुझाव आए हैं।
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