वीसी ने एक्सटेंशन के लिए गिनाई उपलब्धियां!
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एचपी यूनिवर्सिटी में कुलपति पद पर अपना कार्यकाल पूरा कर रहे वीसी प्रो. एडीएन वाजपेयी ने सेवा विस्तार के लिए अपना दावा पुख्ता कर दिया है।
उन्होंने अपने तीन साल के कार्यकाल के दौरान करवाए गए कामों और उपलब्धियों को सरकार के सामने रखा है। कुलपति ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर अपने तीन साल का लेखा जोखा मीडिया के सामने रखा।
हालांकि, कुलपति यह बताने से हिचकिचाते रहे कि आखिर वे ये उपलब्धियां क्यों गिना रहे हैं। लेकिन एकाएक कुलपति के इस कदम से सभी मान रहे हैं कि कुलपति फिर से इस पद पर एक्सटेंशन चाहते हैं।
24 मई को एचपीयू में पूरा कर रहे हैं कार्यकाल
कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी 24 मई को अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। उन्होंने प्रेस वार्ता में बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय ने नई ऊंचाईयों को छुआ है।
इस दौरान एचपीयू ने अपना कुलगीत बनाया, कई रिसर्च पेपर प्रकाशित किए। यूनिवर्सिटी के स्थापना दिवस को तीन दिन मनाने का प्रचलन शुरू किया। सभी काम हिंदी में करवाना शुरू करवाया।
साथ ही विजन 2020 के तहत 57 नए कोर्स शुरू करवाए। इसके अलावा स्टूडेंट चार्टर भी लाया गया। कई विश्वविद्यालयों और नामी उद्योगों के साथ एमओयू साइन किए गए।
सीएम, राज्यपाल की बैठक में चर्चा की संभावना
वहीं, सीएम वीरभद्र सिंह की सोमवार शाम राज्यपाल से भी बैठक हो रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में कुलपति की नियुक्ति को लेकर भी चर्चा होनी है।
बैठक में चर्चा की जा सकती है कि नए वीसी के लिए कोई सर्च कमेटी बनानी है या नहीं। क्या इन्हें ही कुलपति पद पर सेवा विस्तार दिया जाना चाहिए।
इन सबको लेकर चर्चा हो सकती है। वहीं, अगले एक दो दिन में तस्वीर साफ हो जाएगी कि आखिर सरकार किसे एचपी यूनिवर्सिटी का नया कुलपति बनाती है।
छात्र संगठन कर रहे हैं विरोध
उधर, कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के सेवा विस्तार की अटकलें शुरू होते ही छात्र संगठन विरोध करने लगे हैं। एचपीयू में एससीए ने कुलपति के कार्यकाल को बेहद निराशाजनक करार दिया है।
पूर्व एससीए अध्यक्ष राजन हारटा, खुशी वर्मा का कहना है कि कुलपति के कार्यकाल में यूनिवर्सिटी को काफी नुकसान हुआ है। नए कोर्स तो शुरू किए गए लेकिन आधारभूत सुविधाएं ज्यों की त्यों है।
इसके अलावा पूर्व एससीए इन दिनों हस्ताक्षर अभियान के जरिए भी कुलपति को हटाने के लिए आंदोलन छेड़े हुए हैं।