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उत्तराखंड के छात्र नहीं जानते, किस देश के वासी हैं!

Thu, 13 Nov 2014 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पौड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, पौड़ी Updated Thu, 13 Nov 2014 09:25 AM IST
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uttarakhand student do not know country name.

उत्तराखंड के स्कूलों में पढ़ाई का यह आलम है कि बीरोंखाल ब्लाक के बेसिक स्कूल देवकंडई में पढ़ रहे विद्यार्थियों को अपने देश का नाम तक पता नहीं है। थलीसैण ब्लाक के बेसिक स्कूल चाकीसैण के विद्यार्थी अपना नाम सही तरीके नहीं लिख पा रहे हैं।

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जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक केएस रावत ने बेसिक स्कूल देवकंडई के दोनों शिक्षकों और बेसिक स्कूल चाकीसैण के प्रधानाध्यापक के वेतन अनिश्चितकाल के लिए रोकने के निर्देश दिए हैं।
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जिला शिक्षा अधिकारी केएस रावत ने बताया कि उन्होंने बुधवार को जीआईसी थलीसैण, पोखड़ा, हाईस्कूल जिवई, फरसाड़ी, प्राथमिक विद्यालय थली, देवकंडई, पंचधार समेत कई विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान बीरोंखाल ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय देवकंडई में व्यवस्थाएं काफी खराब मिली।
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आठ स्टूडेंट, दो टीचर
इस विद्यालय में आठ विद्यार्थी हैं, जबकि शिक्षक दो हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने देश का नाम पूछा तो कोई नहीं बता पाया। शिक्षकों ने बच्चों की अभ्यास पुस्तिकाओं में कोई काम नहीं कराया है। स्कूल ड्रेस का वितरण भी नहीं किया है।

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स्कूल की स्थिति को देखकर उन्होंने बीईओ इन दोनों शिक्षकों का वेतन अनिश्चितकाल तक रोकने को निर्देश दिए हैं। स्कूल में पठन-पाठन और अन्य व्यवस्थाएं सुधरने के बाद ही इनका वेतन आहरित किया जाएगा।

डीईओ बेसिक ने बताया कि निरीक्षण कार्यक्रम के तहत उन्होंने मंगलवार को इंटर कॉलेज चिपलघाट, साकरसैण, चौरा, चाकीसैण, प्राथमिक विद्यालय चिपलघाट, गाड़, चाकीसैण स्कूलों में जाकर निरीक्षण किया। बेसिक स्कूल चाकीसैण में काफी अव्यवस्थाएं पाई गई।

इस विद्यालय में पांच कक्षाएं एक ही कक्ष में संचालित हो रही थी। उसी कक्ष में मध्याह्न भोजन योजना का सामान रखा हुआ था। विद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थी अपना नाम तक सही तरीके से नहीं लिख पाए।

विद्यालय की स्थिति को देखते हुए उन्होंने यहां कार्यरत प्रधानाध्यापक के वेतन को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। प्रधानाध्यापक को व्यवस्था सुधारने के लिए कुछ मानक दिए हैं। व्यवस्था में सुधार होने के बाद ही इनका वेतन आहरित किया जाएगा।

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