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उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने होनहारों से किया धोखा

Wed, 22 Oct 2014 03:32 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 22 Oct 2014 03:32 PM IST
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uttarakhand public service commission.

पीसीएस में चयन के बाद रिजल्ट बदलने वाला उत्तराखंड लोक सेवा आयोग फिर सवालों के घेरे में है। इस बार पांच ऐसे अभ्यर्थियों को चुना है, जो पहले से पूर्व सैनिक कोटे का लाभ लेकर सरकारी नौकरी कर रहे हैं।

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वहीं, पॉलीटेक्निक प्रवक्ता (अंग्रेजी) में कटऑफ से बाहर हुई अभ्यर्थी इंटरव्यू में ज्यादा अंक लेकर सबसे होनहार को पछाड़ते हुए चयनित हो गई।

बार-बार उठाया कोटे का लाभ
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित पीसीएस परीक्षा-2010 में पांच ऐसे अभ्यर्थियों ने पूर्व सैनिक कोटे का दोबारा लाभ लिया है, जो इसके मार्फत पहले से सरकारी नौकरी कर रहे हैं। आरटीआई में आई जानकारी के आधार पर इनकी पोल खुली है।

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इन्होंने लिया दोबारा कोटे का लाभ

uttarakhand public service commission.

पंकज कुमार: सामान्य जाति, पूर्व सैनिक कोटे के तहत पहले तहसीलदार के बाद अब समीक्षा अधिकारी के तौर पर सचिवालय में तैनात हैं। हाल ही में उपप्राचार्य में चयन हुआ है।

कमल किशोर जोशी: अनारक्षित, पूर्व सैनिक कोटे के तहत वर्तमान में उत्तराखंड में शिक्षक के पद पर तैनात हैं। हाल में पीसीएस रिजल्ट में विपणन अधिकारी और लोअर पीसीएस में चयन हुआ।

मनीष बिष्ट : पूर्व सैनिक कोटे से वर्तमान में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरतौला, नैनीताल में व्यायाम शिक्षक हैं। हाल ही में पीसीएस से उपप्राचार्य में चयन हुआ है।

कमलेश मेहता : सामान्य, पूर्व सैनिक कोटे से दिल्ली में इनकम टैक्स इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत हैं। हाल ही में डिप्टी कलेक्टर पद पर उत्तराखंड पीसीएस से चयन।

धनबीर सिंह : सामान्य पूर्व सैनिक कोटे से वर्तमान में डीएम कार्यालय में क्लर्क पद पर तैनात हैं। पीसीएस परीक्षा से हाल ही में कृषि सेवा में चयन।

नहीं ले सकते दोबारा लाभ
केंद्र सरकार ने 14 अगस्त 2014 को इस बाबत आदेश जारी किया था। इसके मुताबिक कोई पहले से एक्स आर्मी कोटे का लाभ लेकर नौकरी कर रहा है तो वह दोबारा इसका लाभ न नौकरी में ले सकता है, न किसी परीक्षा में।

यह आदेश देशभर के लिए जारी किया गया था। पहले भी व्यवस्था थी कि एक बार कोटा लगाने वाला दोबारा इसका लाभ नहीं ले सकता है।

गिराई कट ऑफ और कर लिया चयन

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लोक सेवा आयोग की ओर से पॉलीटेक्निक प्रवक्ता (अंग्रेजी) भर्ती परीक्षा परिणाम में भी खेल किया गया। 16 अक्तूबर को जारी रिजल्ट में कम कटऑफ के चलते बाहर हो रही अभ्यर्थी को रिवाइज्ड कट ऑफ गिराकर अंतिम चयन सूची में खींच लिया गया।

यह परीक्षा कुल 11 पदों के लिए हुई थी, जिसमें सामान्य के छह, ओबीसी के दो और एसस कैटेगरी के लिए तीन पद आरक्षित थे। नियमानुसार आयोग ने तीन गुना आवेदक बुलाए। छह सामान्य पदों के लिए 18, एससी तीन पदों के लिए नौ अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए बुलाए गए।

मगर ओबीसी के दो पदों पर पांच गुने यानी दस अभ्यर्थी बुलाए गए। खास बात यह रही कि एक अभ्यर्थी नीलम सिंह रावत के मार्क्स 67 प्रतिशत थे, जबकि 24 जुलाई को जारी ओबीसी महिला की कटऑफ 67.50 प्रतिशत थी।

इंटरव्यू के बाद लोक आयोग ने कट ऑफ 67 फीसदी तक गिरा दिया। इसके बाद नीलम इंटरव्यू में 53 अंक पाकर चुन ली गईं, जबकि लिखित परीक्षा में 87.75 फीसदी मार्क्स पाने वाली सोनिया इंटरव्यू में 35 अंक लेकर दौड़ से बाहर हो गईं।

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