IAS से टफ है उत्तराखंड पीसीएस का नया पैटर्न
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उत्तराखंड लोकसेवा आयोग की नवंबर में होने वाली परीक्षा के लिए इस बार अभ्यर्थियों को और अधिक मेहनत करनी होगी।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से 30 नवंबर को पीसीएस परीक्षा का आयोजन किया जाना है। इस बार एग्जाम में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर नया सीसैट पैटर्न लागू है, लेकिन आईएएस, आईएफएस के मुकाबले यह काफी कठिन है।
पैटर्न ही नहीं, एग्जाम में पूछे जाने वाले सवाल और जवाब के लिए तय वक्त भी प्रदेश के युवाओं पर भारी पड़ सकता है। जहां यूपीएससी ने प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन के बाद केंद्र सरकार के दबाव के चलते अंग्रेजी से छूट दे दी हो लेकिन उत्तराखंड के अभ्यर्थियों के इससे राहत नहीं मिलने वाली है।
स्पेश्लिस्ट और अभ्यर्थी दोनों ने माना
परीक्षा का नया और मुश्किल पैटर्न परेशानी पैदा करने वाला है। तैयारी के लिए काफी कम वक्त मिला है। प्रदेश की परीक्षा में दुर्गम इलाकों के युवाओं का भी ख्याल रखा जाना चाहिए।
-सुशील कुमार, निदेशक, प्रयास आईएएस स्टडी सर्किल
मैंने पिछली बार भी परीक्षा दी थी। तब विषय का विकल्प था लेकिन अब नए पैटर्न के साथ नई तैयारी करनी पड़ रही है। आयोग को बड़े सिलेबस से कुछ राहत देनी चाहिए।
-अनिल, अभ्यर्थी
सीएम से मिले थे अभ्यर्थी
उत्तराखंड लोकसेवा में अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग को लेकर पीसीएस के अभ्यर्थियों ने सीएम हरीश रावत से मुलाकात की थी। अभ्यर्थियों का कहना था कि सीएम यूपीएससी की तर्ज पर उत्तराखंड लोकसेवा आयोग से अंग्रेजी की अनिवार्यता खत्म करने को कहें। जिस पर सीएम ने अभ्यर्थियों को आयोग से बात करने का आश्वासन दिया था।
(नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी- aftaba@ddn.amarujala.com या इस नंबर- 8392922180 पर संपर्क कर सकते हैं।)
नए पैटर्न में यह हैं मुश्किलें
-यूपीएससी ने सिविल सर्विस के पैटर्न में अंग्रेजी से छूट दी थी, लेकिन उत्तराखंड में ऐसी कोई छूट नहीं
-यूपीएससी की परीक्षा में दो घंटे में 150 सवाल हल करने होते हैं लेकिन उत्तराखंड पीसीएस में दो घंटे में 200 सवालों का जवाब देना होगा।
-यूपीएससी में सामान्य हिंदी नहीं आती, उत्तराखंड पीसीएस में वर्तनी, तत्सम-तद्भव, विलोम, पर्यायवाची जैसे प्रश्न भी आएंगे
-आईएएस के सीसैट पैटर्न में 80 सवाल पूछे जाते हैं जबकि पीसीएस में 100 सवाल पूछे जाएंगे।
-आईएएस और पीसीएस के सिलेबस में जनरल स्टडीज के विषयों के भीतर भी विषय हैं, लेकिन पीसीएस में आईएएस के मुकाबले अधिक विस्तार है, मसलन आईएएस में अंतर्राष्ट्रीय संबंध से जुड़े सवाल समसामयिक में आते हैं, लेकिन पीसीएस में संविधान के अंदर भी अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर सवाल होंगे।
-पीसीएस एग्जाम के लिए छात्रों को उत्तराखंड का इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र अलग से पढ़ना होगा, लेकिन अब वक्त बेहद कम है