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उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी के जाल में फंसे छात्र

Mon, 30 Jun 2014 03:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 30 Jun 2014 03:27 PM IST
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uttarakhand open university

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय पर हावी अव्यवस्थाएं छात्रों पर बहुत भारी पड़ रही है।

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हैरत की बात है कि विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर कोर्स के छात्रों के लिए एडमिशन, परीक्षा फार्म, एसाइनमेंट जमा करने के लिए एक ही तिथि तय कर दी।

दूसरी लापरवाही यह कि एसाइनमेंट जमा न होने पर छात्रों ने प्रति विषय 100 रुपए लेट फीस वसूली जा रही है। जबकि, अभी तक छात्रों को किताबें ही नहीं मिली है। इन्हीं किताबों से एसाइनमेंट तैयार होता है।

अब तक नहीं मिली किताबें

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मुक्त विवि ने नए सेमेस्टर में दाखिले की अंतिम तिथि 15 जून तय की थी। इसके बाद 30 जून तक 250 रुपए लेट फीस वसूली गई।

दाखिले के साथ एग्जाम फार्म और एसाइनमेंट जमा करने की अंतिम तिथि भी 15 जून ही थी। जबकि एडमिशन के बाद किताबें अब तक नहीं मिल पाई हैं।

ऐसे में एसाइनमेंट जमा करने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। लेकिन, छात्रों पर विलंब शुल्क थोप दिया गया है। अव्यवस्थाओं के जाल में फंसे छात्र अब तिथि आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

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सत्र हो रहा लेट

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छात्रों का कहना है कि विवि ने सभी प्रक्रियाओं पर लेट फीस लगा दी है। उनकी मांग है कि बिना विलंब शुल्क परीक्षा फार्म भरने और एसाइनमेंट जमा करने की तिथि आगे बढ़ाई जाए।

साथ ही जिन छात्रों ने लेट फीस दे दी है, उनके शुल्क को आगामी सत्र में समायोजित किया जाए।

विवि का सत्र लगातार लेट होता जा रहा है। पहले जून से जुलाई के बीच सेमेस्टर परीक्षाएं हो जाती थी, लेकिन इस बार सितंबर से पहले संभावना कम है।

एमए एजूकेशन, बीए द्वितीय वर्ष पर्यावरण अध्ययन सहित तमाम ऐसे कोर्स हैं जिनकी किताबों का अब तक कुछ अता पता नहीं।

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एमए एजूकेशन का पैटर्न बदला

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मुक्त विवि ने इस बार एमए एजूकेशन द्वितीय वर्ष का परीक्षा पैटर्न बदल दिया है। अब मौखिक परीक्षा के बजाए एक पेपर बढ़ा दिया गया है।

एमए एजूकेशन में छात्रों को अब चार के बजाए पांच पेपर देने होंगे। हालांकि विवि ने प्रॉस्पेक्टस में मौखिक परीक्षा की जानकारी ही लिखी थी। छात्रों का कहना है कि नए पेपर की किताब का भी अता पता नहीं है।

परीक्षा दी, लेकिन अनुपस्थित
हाल ही में विवि की ओर से कई सेमेस्टर के रिजल्ट जारी किए गए हैं। ऐसे तमाम मामले सामने आए हैं जिनमें परीक्षा देने के बावजूद छात्र को अनुपस्थित दिखाया गया है।

अब उन छात्रों को पहले विवि में आवेदन करना होगा। इसके बाद विवि जांच कर नया रिजल्ट जारी करेगा। ऐसे छात्रों को भी एडमिशन, परीक्षा फार्म और एसाइनमेंट के मामले में विलंब शुल्क झेलना पड़ेगा।

मामले की जानकारी नहीं है। दिल्ली से वापस लौटकर देखूंगा और छात्रों के हित में ही फैसला लिया जाएगा।
- प्रो. सुभाष धूलिया, कुलपति, मुक्त विवि

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