फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand group c paper out in three crore.

उत्तराखंड: तीन करोड़ में आउट हुए ग्रुप-C के पेपर, परीक्षा निरस्त

Mon, 27 Jul 2015 12:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Mon, 27 Jul 2015 12:49 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand group c paper out in three crore.

उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद रुड़की ओर से आयोजित ग्रुप ‘सी’ की राजकीय पर्यवेक्षक पद की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। बताया गया कि यह पेपर तीन करोड़ में आउट हुए हैं।

विज्ञापन


पेपर आउट होने की वजह से प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव हरि सिंह ने यह कदम उठाया है। मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ गंगनहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। पेपर में आए करीब 50 प्रश्न उत्तर सहित परीक्षा शुरू होने से करीब 40 मिनट पहले व्हाट्स एप पर आउट कर दिए गए थे।
विज्ञापन


उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से रविवार को ग्रुप ‘सी’ के लिए राजकीय पर्यवेक्षक के 76 पदों पर भर्ती के लिए रविवार को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए प्रदेश भर में 475 केंद्र बनाए गए थे। जिनके के लिए 1,89,423 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


परीक्षा शुरू होने से करीब 40 मिनट पहले एक पत्रकार ने प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव हरि सिंह को पेपर आउट होने की बात कहते हुए व्हाट्स ऐप पर आए करीब 50 प्रश्न, उत्तर सहित दिखाए। इसके बाद डीएम नैनीताल ने भी प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव को पेपर आउट होने और व्हाट्स ऐप पर आए प्रश्न भेजे।

हालांकि तब तक तय समय दोपहर दो बजे सभी केंद्रों पर परीक्षा शुरू हो चुकी थी। सचिव हरि सिंह ने पत्रकारों को बताया कि व्हाट्स एप पर आए प्रश्नों को पेपर शुरू होने के बाद प्रश्नपत्र से मिलाया गया, जिसमें वह सभी प्रश्न पाए गए जो व्हाट्स एप पर थे। इसके बाद परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है।

पेपर आउट करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ गंगनहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। बताया कि पेपर दोबारा होगा। इसकी तिथि अभी तय नहीं की गई है।

तीन करोड़ में पेपर बिकने की सूचना पर खलबली

uttarakhand group c paper out in three crore.

उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित समूह ग की परीक्षा का पेपर लीक होने और इसके तीन करोड़ में बिक ने की सूचना पर प्रशासन में खलबली मच गई है। चर्चा है कि दलालों ने प्रत्येक परीक्षार्थी को पांच से छह लाख रुपए में यह पेपर बेचा है।

समूह ग की राजकीय पर्यवेक्षक ग्रुप कोड 066 परीक्षा का पेपर लीक होने की सूचना पर नैनीताल डीएम दीपक रावत ने सिटी मजिस्ट्रेट के साथ गुरु तेग बहादुर स्कूल में पहुंचकर व्हाट्स एप पर वायरल हुए पेपर का मिलान किया। इसमें से आधे सवाल समान पाए गए। हालांकि, गुरु तेग बहादुर स्कूल में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है।

रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे रामनगर के एक टीवी रिपोर्टर के पास किसी ने हाथ से लिखे प्रश्नों के उत्तर व्हाट्स एप पर भेजे। इसकी सत्यता जांचने के लिए पत्रकार ने जिलाधिकारी के पास यह व्हाट्स एप एक बजे भेजा। इसकी सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया।

डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह के साथ ठंडी सड़क स्थित गुरु तेग बहादुर स्कूल में छापा मारा। वायरल हुए प्रश्नों और पेपर का मिलान आधे घंटे तक किया। 100 प्रश्नों में से करीब 50 प्रश्न वायरल हुए पेपर से समान पाए गए। हालांकि, इस सेंटर में कोई गड़बड़ी नहीं पकड़ी गई।

परीक्षा प्रभारी विजय जोशी ने बताया कि गुरु तेग बहादुर स्कूल में पेपर लीक नहीं हुआ है। अन्य कॉलेज में पेपर लीक की सूचना पर जिले के अधिकारी स्कूल में आए थे। हालांकि, इस बात का पता नहीं चल पाया कि पेपर कहां से वायरल हुआ।

डीएम दीपक रावत ने बताया कि पेपर वायरल होने की सूचना रामनगर के पत्रकार दानिश खान ने मय उत्तरों के व्हाट्स एप पर भेजी थी। इसकी जांच कराई गई तो यह सही पाई गई। पेपर लीक की सूचना रामनगर से आई, लेकिन कहां से लीक हुआ यह जांच का विषय है। इसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेज दी गई है।

एक सीट पर थे 2492 दावेदार

uttarakhand group c paper out in three crore.

सरकारी नौकरी के लिए उत्तराखंड में किस कदर मारामारी है, ये ग्रुप सी की परीक्षा में पंजीकृत अभ्यर्थियों की संख्या से ही साफ हो रहा है। राजकीय पर्यवेक्षक की महज 76 पोस्ट के लिए प्रदेशभर से युवाओं ने आवेदन किए थे।


उत्तराखंड प्राविधिक परिषद ने इन पदों के लिए 1,89,423 अभ्यर्थियों की परीक्षा का इंतजाम पूरा किया था। इस लिहाज से देखें तो एक पद के लिए करीब 2492 दावेदार थे। उत्तराखंड प्राविधिक परिषद की ओर से रविवार को प्रदेशभर में ग्रुप सी (समूह-ग) की परीक्षा आयोजित कराई गई।

परिषद ने एक केंद्र के आसपास पेपर लीक की घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए परीक्षा रद्द कर दी। पांच साल के इतिहास में परिषद की किसी परीक्षा रद्द होने का यह पहला मामला है। बता दें कि परिषद सालभर में 20 से ज्यादा परीक्षाओं का आयोजन विभिन्न विभागों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए कराता है।

हर परीक्षा में युवाओं की भारी भीड़ के बीच परिषद शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराता है। बताया जा रहा है कि पांच साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब परिषद का कोई पेपर लीक हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed