उत्तराखंडः सरकारी स्कूलों के बच्चे पी रहे 'जहरीला' पानी
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उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में लापरवाही की वजह से बच्चे जहरीला पानी पीने को मजबूर हैं।
उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की ओर से प्रदेश के 20 राजकीय इंटर कॉलेजों में लिए गए पानी के नमूनों की जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया। फिलहाल, यूकॉस्ट ने इन 20 कालेजों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सहयोग से वाटर प्यूरिफायर लगाए हैं।
यूकॉस्ट की ओर से ‘साइंटिफिक इवेल्यूएशन ऑफ वाटर प्यूरिफिकेशन सिस्टम (वाटर क्वालिटी)’ योजना के तहत शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 20 इंटर कॉलेजों में पानी की गुणवत्ता की जांच कराई। यूकॉस्ट के वैज्ञानिकों ने इन कॉलेजों में 18 पैमानों पर पानी की जांच की।
जांच में पाया गया कि यहां जो पानी बच्चे पानी पी रहे थे, उसमें खतरनाक बैक्टीरिया थे। इसकी वजह जल प्रदूषण था। यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल ने बताया कि सभी कॉलेजों में आरओ और यूवी वाटर प्यूरिफायर लगा दिए गए हैं।
इसलिए जहरीला था पानी
प्यूरिफायर लगाने के बाद पानी की जांच की गई तो सुरक्षित पाया गया। बताया कि प्रदेश के अन्य प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में पानी की गुणवत्ता की जांच कराने के बाद प्यूरिफायर लगाने की जरूरत है।
यूकॉस्ट के वैज्ञानिक डॉ. डीपी उनियाल ने बताया कि जब पानी के नमूनों की जांच की गई तो पाया गया कि उसमें बैक्टीरिया कांटामिनेशन पाया गया। इसकी वजह से बच्चों को खतरनाक पीलिया, डायरिया और पानी से जुड़ी कई बीमारियां हो रही थीं।
इन स्कूलों का पानी था खतरनाक
जीजीआईसी देहरादून, जीआईसी हर्बटपुर, जीआईसी नरेंद्रनगर, जीआईसी न्यू टिहरी, जीआईसी इमलीखेड़ा, जीआईसी हरिद्वार, जीआईसी ज्वालापुर, जीजीआईसी पौड़ी, जीआईसी धुमाकोट, जीआईसी चमोली, जीआईसी उत्तरकाशी, जीआईसी अगस्त्यमुनि, जीआईसी शांतिपुरी, एएन झा गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, रुद्रपुर, जीआईसी लोहाघाट, जीजीआईसी नैनीताल, जीजीआईसी हल्द्वानी, जीआईसी अल्मोड़ा, जीजीआईसी शीतलाखेत, अल्मोड़ा, जीआईसी बागेश्वर, जीजीआईसी पिथौरागढ़।