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उत्तराखंड के बीएड कॉलेजों को मिली राहत

Tue, 08 Oct 2013 09:58 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 08 Oct 2013 09:58 AM IST
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Uttarakhand B.ed colleges got relief

संबद्धता और प्रवेश की मंजूरी के लिए महीनों से इंतजार कर रहे उत्तराखंड के बीएड संस्थानों को राहत मिल गई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्यपाल ने भी सोमवार को स्थिति साफ कर दी।

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प्रवेश प्रक्रिया को मंजूरी देने का निर्देश
राज्यपाल ने अफसरों से संस्थानों की संबद्धता तथा प्रवेश प्रक्रिया को मंजूरी देने का निर्देश दिया है। सोमवार को राज्यपाल अजीज कुरैशी ने कुलपतियों और शासन के अफसरों की बैठक में कहा कि नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स  एजूकेशन (एनसीटीई) से इस वर्ष जिन संस्थानों को मान्यता मिल गई है, उन्हें संबद्धता और प्रवेश की मंजूरी दे दी जाए।
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उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के परिप्रेक्ष्य में उन्हीं संस्थानों को यह अनुमति दी जाए, जो एनसीटीई के तय मानकों का पालन कर रहे हैं। जिनमें मानक पूरे नहीं हैं, उन्हें अगले छह महीने में सभी मानकों को पूरा करने की शर्त पर अनुमति दे दी जाए।

नए बीएड कॉलेज को मान्यता नहीं
राज्यपाल ने यह भी साफ किया कि अगले शिक्षण सत्र से प्रदेश में किसी भी नए बीएड कॉलेज को मान्यता नहीं दी जाएगी। इस संबंध में एनसीटीई को दुबारा से लिखित में सूचना भेजी जाए। मालूम हो कि इस साल भी शासन से एनसीटीई को नए बीएड कॉलेजों की स्वीकृति देने से मना किया गया था।


बावजूद इसके कई नए बीएड संस्थान एनसीटीई से मान्यता लेकर आ गए। कुछ पुराने कॉलेजों की संबद्धता विस्तार का भी मामला था। करीब 40 बीएड संस्थानों की संबद्धता और प्रवेश की अनुमति पिछले कई महीने से शासन और राजभवन के बीच उलझी पड़ी है।

अदालत ने राहत दी
संस्थान संचालकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तब उन्हें अदालत ने राहत दी। लेकिन राजभवन की ओर से कोई इशारा नहीं मिलने के कारण शासन भी चुप्पी साधे बैठा रहा। प्रकरण कोर्ट की अवमानना का बनता देख अब राजभवन और शासन दोनों ने ही संस्थानों को राहत दे दी है।

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