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उत्तराखंड में इस साल बंद हो गए 368 स्कूल
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 02 Mar 2016 11:14 AM IST
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केंद्र सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान के बजट में बढ़ोतरी की है, वहीं प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में शिक्षकों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन छात्रों की संख्या घट गई है।
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चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 368 स्कूल बंद हो गए हैं और 4000 से अधिक स्कूल बंदी के कगार पर हैं। स्थिति यह है कि 1600 स्कूलों में छात्र संख्या दस से कम रह गई है।
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प्रदेश के बेसिक विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या और शिक्षा का बजट बढ़ने के बावजूद स्कूलों के बंद होने का सिलसिला नहीं थम रहा है। खासकर बेसिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या तेजी से घटती जा रही है। शिक्षा विभाग की एक रिपोर्ट में मुताबिक वर्ष 2011-12 में कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यालयों में पांच लाख 58 हजार छात्रों के एडमीशन हुए थे।
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वर्ष 2012-13 में यह संख्या घटकर पांच लाख 30 हजार, 2013-14 में पांच लाख पांच हजार और 2014-15 में यह संख्या घटकर चार लाख 73 हजार हो गए। जबकि पिछले पांच वर्षों में इन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या 24 हजार 375 से बढ़कर 26 हजार 134 हो गई है।
प्रदेश में आरटीई के 30 बच्चों पर एक शिक्षक के मानक के विपरीत उत्तराखंड में 17 बच्चों पर एक शिक्षक है। इससे बेसिक शिक्षा सबसे अधिक महंगी हो गई है, बावजूद स्कूलों में छात्रों की संख्या घटती जा रही है। शिक्षा गुणवत्ता पर ध्यान न दिया गया तो कुछ और स्कूल बंद हो जाएंगे।
- महावीर सिंह बिष्ट, अपर शिक्षा निदेशक