एक क्लिक पर मिलेगी छात्र-छात्राओं के बारे में पूरी जानकारी
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उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्घ कॉलेजों में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं से लेकर टीचर और कॉलेज तक का पूरा डाटा मात्र एक क्लिक पर उपलब्ध होगा।
इसके लिए विश्वविद्यालय ने एकेडमिक मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार कराया है। इसका एक हिस्सा जिसका नाम ‘वन व्यू’ है इसी माह के अंत तक लॉन्च कर दिया जाएगा। ‘वन व्यू’ स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा वेब पेज है जिसमें उसके प्रवेश से लेकर वर्तमान स्थिति तक के सभी डिटेल उपलब्ध होंगे।
किसने किस सत्र में कौन-कौन सी परीक्षा दी, किस पेपर में कितने अंक रहे, किन प्रमोशन रूल्स के तहत वह उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण हुआ। यह पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इसके अलावा यहां स्टूडेंट्स की ऑनलाइन अटेंडेंस भी देखी जा सकेगी।
इससे स्टूडेंट्स जहां अटेंडेंस कम होने पर उसमें सुधार कर सकते हैं वहीं अभिभावक भी बच्चे की पूरी जानकारी खुद देख सकेंगे। इस वेब पेज पर स्टूडेंट्स अपने एनरोलमेंट नंबर और पासवर्ड का प्रयोग कर लॉगइन करेंगे। वर्तमान में यूपीटीयू के करीब 700 कॉलेजों में लगभग साढ़े चार लाख स्टूडेंट्स और 35 हजार के करीब शिक्षक हैं।
कॉलेजों में वसूली पर लगेगी रोक
यूपीटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि एकेडमिक मॉनिटरिंग सिस्टम का मुख्य उद्देश्य सिस्टम में पारदर्शिता लाने के साथ स्टूडेंट्स की दिक्कतों को कम करना है।
वन व्यू के बाद विभिन्न चरण में 3 से 6 माह के अंदर कई अन्य सुविधाओं के लिंक भी पोर्टल पर साथ-साथ एक्टिव किए जाते रहेंगे। कई बार प्राइवेट कॉलेज के स्टूडेंट्स की शिकायत होती है कि कॉलेज ने अवैध रूप से पैसा न देने या किसी अन्य कारण से भेदभाव कर उपस्थिति कम दिखाते हुए परीक्षा से रोक दिया।
पिछले सत्र के दौरान भी ऐसी शिकायतें यूपीटीयू में आईं लेकिन, अब सभी कॉलेजों को स्टूडेंट्स की पूरी अटेंडेंस साथ-साथ ऑनलाइन अपडेट करनी होगी। इससे स्टूडेंट और कॉलेज के बीच में यदि किसी तरह की दिक्कत होती भी है तो पहले से अपलोड की गई अटेंडेंस में छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी।
इसमें स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की भी व्यवस्था है। कुलपति खुद भी ये देख सकेंगे कि कितनी शिकायतें आई और इनमें क्या कार्रवाई की गई। इससे स्टूडेंट्स को अपने काम के लिए बार-बार विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कई बार स्टूडेंट्स को कहीं और प्रवेश लेने के लिए ट्रांसक्रिप्ट की जरूरत पड़ती है।
इसमें उसके सभी रिजल्ट एक ही शीट पर होते हैं। इसके लिए भी अब छात्रों को यूपीटीयू की दौड़ नहीं लगानी होगी। इसके अलावा माइग्रेशन भी ऑनलाइन मिलने लगेगा।
प्रवेश से परीक्षा तक पूरी जानकारी
पोर्टल के पूरी तरह एक्टिव होने पर कुलपति के लिए कॉलेजों पर निगरानी रखना काफी आसान हो जाएगा। वह इसमें कॉलेज वाइज छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की संख्या, किस छात्र को कौन सा शिक्षक कौन सा विषय पढ़ाता है, उसके कितने लेक्चर हो चुके हैं, सारी जानकारी यहीं मिल जाएगी।
यहीं नहीं यहां हर शिक्षक का का बायोडाटा भी उपलब्ध होगा। परीक्षा के समय केंद्रों की सूची, कहां किस परीक्षक की तैनाती है, किस नोडल सेंटर पर क्वेशचन पेपर और आंसर शीट की कौन सी सीरीज भेजी गई है। इतना ही नहीं परीक्षा में किस कॉपी को किस शिक्षक ने चेक किया ये भी कुलपति आसानी से देख सकेंगे।
छात्रों का डाटा मेन्टेन करने के लिए विश्वविद्यालय एनरोलमेंट फॉर्म पर बार कोडिंग करेगा जिसे स्कैन किया जा सकेगा और इसी कोड में स्टूडेंट का पूरा डाटा होगा।
ऑनलाइन होगा मार्क्सशीट व डिग्री का सत्यापन
यूपीटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया,इस सिस्टम को लागू करने का उद्देश्य स्टूडेंट्स को बेकार की परेशानियों से बचाना है जिससे वह अपना समय और ध्यान पढ़ाई पर लगा सकें। इसके अलावा कॉलेजों पर भी पूरा नियंत्रण रखना आसान होगा।
एकेडमिक मॉनिटरिंग सिस्टम पूरी तरह से लागू करने के लिए डाटा फीडिंग का काम हो रहा है। फिलहाल पहले चरण में इसका पार्ट ‘वन व्यू’ इसी माह के अंत तक शुरू करने का प्रयास है। यह वेब पोर्टल यूपीटीयू की वेबसाइट से लिंक होगा। इसमें यूनिवर्सिटी, कॉलेज, टीचर्स, स्टूडेंट्स और गेस्ट के लिए अलग-अलग लॉगइन हैं।