यूपीटीयूः ये कॉलेज नहीं बनेंगे परीक्षा केन्द्र
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उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेज दिसंबर में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। परीक्षा में शुचिता रखने के लिए ऐसा किया जा रहा है। वहीं,छात्रों की पहुंच से केंद्र बहुत दूर न हों और यातायात की सुविधा मिल सके, इसका भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार परीक्षाएं 15 दिसंबर तक शुरू हो सकती हैं।
परीक्षा के लिए 150 से 200 के बीच कॉलेजों को परीक्षा व नोडल केंद्र बनाया जाना है। बहुत से कॉलेज ऐसे हैं, जो पिछले कई वर्षों से केंद्र बनते आ रहे हैं लेकिन अब केंद्र निर्धारण तभी किए जाएंगे,जब वे सभी मानक पूरे करते होंगे। परीक्षा नियंत्रक डॉ.बीएन मिश्रा ने बताया कि इस साल सभी कॉलेजों से केंद्र बनने के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
केंद्रों की री शफलिंग होगी। विभाग के सूत्रों की मानें तो जिन कॉलेजों को पहले से यकीन होता था कि उनके यहां केंद्र बनेगा वे अपने यहां आने वाले कॉलेजों के सेंटर में सेटिंग कर परीक्षार्थियों को अनुचित लाभ देते थे। इससे परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़े होना लाजमी है लेकिन अब इसमें सुधार किया गया है।
कम दूरी पर केंद्र बनाने पर ध्यान
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर भी परीक्षा के दौरान औचक निरीक्षण कराया जाता रहेगा। परीक्षा केंद्रों के निर्धारिण में इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि छात्र-छात्राओं को वहां तक पहुंचने में समस्या न हो। पिछले साल तक कई कॉलेजों का केंद्र 35-40 किलोमीटर दूर तक बना दिया गया। इनमें कुछ केंद्र तो ऐसे भी होते जहां तक ट्रांसपोर्ट की सही व्यवस्था तक नहीं।
यूपीटीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ.बीएन मिश्रा ने बताया कि अगले3-4 दिन के अंदर ही केंद्रों की अंतिम सूची तैयार हो जाएगी। इस बात का ध्यान दिया जा रहा है कि परीक्षा शुचितापूर्ण हो और किसी परीक्षार्थी को अनुचित लाभ न दिया जा सके। छात्रों की सुविधा पर भी ध्यान है।
पिछले कई समय से सभी परीक्षाओं में नकल के काफी मामले सामने आ रहे हैं। इनकी वजह से पूरी परीक्षा व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। साथ ही परीक्षा परिणामों में भी रूकावट आती है। इस वजह से सभी संस्थान परीक्षाओं से पहले ही पूरी व्यवस्था में सख्ती बरत रहे हैं।