फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   UPTU: Teachers will have to supply their biodata

UPTU: नपेंगे फर्जी टीचर्स, बनेगा डाटाबेस

Thu, 03 Apr 2014 12:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 03 Apr 2014 12:34 PM IST
विज्ञापन
UPTU: Teachers will have to supply their biodata

उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) से जुड़े 700 से ज्यादा कॉलेजों के लगभग 38 हजार फैकल्टी मेंबर का डाटाबेस तैयार किया जाएगा।

विज्ञापन


इसके लिए कॉलेजों को अपने शिक्षकों का बायोडाटा यूनिवर्सिटी को उपलब्ध कराना होगा। डाटाबेस में शामिल फैकल्टी को ही यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक और परीक्षा संबंधी कामकाज में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन


दरअसल, यूनिवर्सिटी के एकेडमिक मॉनिटरिंग सिस्टम (एएमएस) के कामकाज में फैकल्टी डाटाबेस भी अहम हिस्सा है। यूपीटीयू के दोबारा गठन के बाद इसे प्रदेश स्तर पर तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: IIT के छात्रों ने मोदी के प्रचार के लिए बनाया नमो ड्रोन



इसके लिए यूपीटीयू ने 10 अप्रैल तक सभी कॉलेजों को अपने शिक्षकों का बायोडाटा कॉलेज लॉगिन के जरिये उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद फैकल्टी की एक आईडी तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर ही छात्रों को सेशनल नंबर दिए जाएंगे।

ये अपडेटेशन सभी कॉलेजों के हर विभागों की फैकल्टी के लिए जरूरी है। बिना डाटाबेस के मई में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के पेपर बनाने, मूल्यांकन और प्रैक्टिकल जैसे कामकाज में शिक्षकों को शामिल नहीं किया जाएगा।

रिजल्ट रुका पर फॉर्म भरेंगे
यूपीटीयू के सत्र 2013-14 की दिसंबर-जनवरी में हुई विषम सेमेस्टर परीक्षाओं में जिन छात्रों का रिजल्ट रोका गया है, उन्हें मई की सम सेमेस्टर परीक्षा के फॉर्म भरने की इजाजत होगी। साथ ही इन छात्रों को परीक्षा में बैठने का भी मौका मिलेगा। मान्यता व पंजीकरण का यह मामला हाईकोर्ट के संज्ञान में है। कोर्ट के दखल पर ही छात्रों को रोका जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed