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अधर में लटका इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स का भविष्य
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 07 Jun 2014 08:37 AM IST
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उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) से संबद्घ इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ रहे हजारों स्टूडेंट्स के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
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एमटेक और एमफॉर्मा के स्टूडेंट्स की संख्या इसमें ज्यादा है। 44 इंजीनियरिंग कॉलेजों की संबद्धता प्रकरण की जांच में खुलासा हुआ है।
करीब 100 इंजीनियरिंग कॉलेज ऐसे हैं जिनकी संबद्धता की औपचारिकताएं पूरी किए बगैर स्टूडेंट्स को दाखिला दिया गया और उसके बाद उनकी परीक्षा भी करवा ली गई।
बृहस्पतिवार को यूपीटीयू में हुई बैठक में मंथन किया गया कि आखिर इन स्टूडेंट्स का भविष्य किस तरह बचाया जाए, जबकि इनके दाखिले की वैधानिकता ही सवालों के घेरे में है।
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फिलहाल कॉलेजों की सूची तैयार कर यूनिवर्सिटी प्रशासन अब एक-एक कॉलेज का पक्ष सुनेगा। कुछ कॉलेजों ने तो यूनिवर्सिटी आकर अपना पक्ष भी रख दिया।
उन्होंने तो संबद्घता की प्रक्रिया समय शुरू कर दी थी और लापरवाही यूनिवर्सिटी के स्तर पर ही हुई है। ऐसे में एक बार फिर रजिस्ट्रार पद से हटाए गए यूएस तोमर की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है।
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अगर कॉलेज सही कह रहा है तो फाइलें दबाने के मामले की उनकी गर्दन फिर से फंसेगी।
अभी बीटेक फर्स्ट ईयर में वर्ष 2013-14 में संबद्धता की निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद दाखिला लेने के प्रकरण की जांच पूरी नहीं हो पाई अब दूसरा प्रकरण सामने आ गया है।
फिलहाल कुलपति डॉ. आरके खांडल ने इस पूरे मामले की जांच के लिए डॉ. जेपी सैनी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है।
उस कमेटी ने ही इस पूरे प्रकरण को पकड़ा है। कॉलेजों से पूछा जा रहा है कि उन्होंने संबद्धता के लिए कब आवेदन किया था।
उनके दस्तावेज भी मंगवाए जा रहे हैं। अगर कॉलेजों की फाइलें रजिस्ट्रार पद पर रहते हुए यूएस तोमर ने आगे नहीं बढ़ाईं तो निश्चित तौर पर उनकी कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में है।
अगर कॉलेज स्तर पर देरी हुई तो फिर छात्रों को प्रवेश और परीक्षा देने की छूट कैसे मिली, यह भी बड़ा सवाल है।
यूएस तोमर से रजिस्ट्रार की गाड़ी छिनी, सुरक्षा हटी
रजिस्ट्रार पद से हटाए गए यूएस तोमर से यूपीटीयू प्रशासन ने रजिस्ट्रार के तौर पर मिली गाड़ी वापस ले ली है और उन्हें एक सामान्य गाड़ी दे दी गई है।
इसके अलावा उनके आवास के बाहर लगे सुरक्षाकर्मियों को भी वापस बुला लिया गया है। रजिस्ट्रार पद का चार्ज इस समय वित्त अधिकारी वीरेन्द्र चौबे के पास है।
जल्द ही उम्मीद है कि शासन की ओर से कोई पीसीएस अधिकारी वहां पर भेजा जाए।
आर्किटेक्चर कॉलेज ज्वाइन न करने पर नोटिस
यूपीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल ने रजिस्ट्रार पद से हटाए गए यूएस तोमर को नोटिस जारी कर दिया है। उनसे पूछा गया है कि आखिर वह अभी तक आर्किटेक्चर कॉलेज ज्वाइन करने क्यों नहीं पहुंचे।
बार-बार बीमार होने का कारण बताकर वह छुट्टी बढ़ा रहे हैं लेकिन अभी तक ज्वाइन करने नहीं आए।
सूत्रों की मानें तो शासन में अपनी पैरवी के लिए दौड़ रहे यूएस तोमर की छुट्टियां अभी तक मंजूर नहीं की गई हैं। अब उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजकर जवाब देने को कहा गया है।