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4,500 स्टूडेंट्स को राहत, मिल सकती है एग्जाम की अनुमति
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 11 May 2014 01:12 PM IST
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उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय की 17 मई से शुरू हो रही सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा में 44 इंजीनियरिंग कॉलेजों के करीब 4,500 स्टूडेंट्स को परीक्षा देने की अनुमति मिल सकती है।
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अभी इन छात्र-छात्राओं को फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा में प्रोविजनल दाखिला देकर शामिल कराया गया था। अब दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, कॉलेजों में विरोध-प्रदर्शन तेज हो रहा है।
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इन स्टूडेंट्स पर अंतिम निर्णय नहीं आने के कारण छात्र विरोध कर रहे हैं। ऐसे में यूपीटीयू अब पूरे मामले में कानूनी राय लेकर इन्हें दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने की इजाजत दे सकता है।
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फिलहाल, अभी कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार है। विवि को उम्मीद है कि सेकंड सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होने से पहले कोर्ट का फैसला आ जाए। अगर अंतिम फैसला न आया तो स्टूडेंट को प्रोविजनल दाखिला देकर यूनिवर्सिटी सेकंड सेमेस्टर में शामिल होने का मौका दे सकती है।
यूपीटीयू से संबद्ध 44 इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले 4,500 स्टूडेंट सेकंड सेमेस्टर की परीक्षाएं नजदीक देखकर लामबंद हो गए हैं। वे कॉलेजों में अपने भविष्य को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने कॉलेज वाले इन स्टूडेंट्स को सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा में प्रोविजनल रूप से सम्मिलित कराने की गुहार लगा रहे हैं। ऐसे में विवि प्रशासन इन स्टूडेंट्स को परीक्षा की अनुमति देने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
मालूम हो कि इन इंजीनियरिंग कॉलेजों ने बीते शैक्षिक सत्र 2013-14 में संबद्धता के लिए निर्धारित समय सीमा 15 मई-2013 के बाद आवेदन किया था। इन कॉलेजों का मामला उस समय पकड़ा गया।
जब विवि प्रशासन के सामने इसे सितंबर में रखा गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसे सुप्रीम कोर्ट की डेटलाइन का हवाला देकर खारिज कर दिया। विवि के फैसल के खिलाफ कॉलेज कोर्ट चले गए।
जहां स्टूडेंट्स को फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा में प्रोविजनल दाखिला देकर शामिल करने का फैसला सुनाया गया। अब इन छात्रों का भविष्य कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा। अब सेकंड सेमेस्टर की परीक्षाएं नजदीक आ गई हैं और इस मामले पर अंतिम निर्णय नहीं आया है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन कोर्ट के फैसले पर अपनी निगाहें लगाए है, लेकिन जैसे-जैसे सेमेस्टर परीक्षाएं करीब आ रही हैं, कॉलेजों में स्टूडेंट परीक्षा में शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं।
ऐसे मं कॉलेज प्रशासन लगातातर विवि के सामने इन स्टूडेंट्स को सेकंड सेमेस्टर में प्रोविजनल दाखिला देकर परीक्षा में शामिल करवाने की गुहार लगा रहे हैं। फिलहाल, यूनिवर्सिटी प्रशासन अब इस मामले में कानूनी राय लेकर इन्हें परीक्षा में शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।