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भावी इंजीनियरों को तराशेंगे ‘फिनिशिंग स्कूल’
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 12 Mar 2014 08:03 AM IST
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भावी इंजीनियरों को तराश कर ‘इंडस्ट्री रेडी’ बनाने और उनके बेहतर प्लेसमेंट के लिए यूपीटीयू ने फिनिशिंग स्कूल खोलने का निर्देश सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को दिया है।
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दरअसल अभी बीटेक करने के बाद प्लेसमेंट पाने वाले स्टूडेंट्स का प्रतिशत महज 20 से 25 ही है। यूपीटीयू का मानना है कि फिनिशिंग स्कूल में विशेषज्ञों की मदद से स्टूडेंट्स को अधिक निखारा जा सकता है और प्लेसमेंट का आंकड़ा 80 फीसदी तक आराम से पहुंच सकता है।
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यूपीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल ने सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को फिनिशिंग स्कूल खोलने का निर्देश दिया है। इस स्कूल में इंडस्ट्री के एक्सपर्ट आएंगे और वह स्टूडेंट्स में प्रबंधकीय कौशल, नेतृत्व और निर्णय क्षमता विकसित करने के लिए टिप्स देंगे।
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साथ ही ऐसे स्टूडेंट जिनकी इंग्लिश कमजोर है, उनकी अंग्रेजी बोलने की क्षमता विकसित की जाएगी। आईईटी के डीन एडमिनिस्ट्रेशन प्रो. बीएन मिश्रा कहते हैं कि आज के दौर में फिनिशिंग स्कूल का महत्व काफी बढ़ गया है।
सरकारी व प्राइवेट दोनों ही इंजीनियरिंग कॉलेजों में इसका होना बहुत जरूरी है। जब हम स्टूडेंट्स की पर्सनॉलिटी को इंडस्ट्री एक्सपर्ट के माध्यम से तराशेंगे तो निश्चित तौर पर उन्हें आगे रोजगार हासिल करने में कोई मुसीबत नहीं होगी।
विदेशों में तो फिनिशिंग स्कूल अनिवार्य रूप से इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में अलग से रहते हैं। ऐसे में यूपीटीयू प्रशासन का यह प्रयास छात्रों के लिए बहुत उपयोगी है।
माइक्रोसॉफ्ट से एमओयू साइन, काम में आएगी तेजी
कम्प्यूटर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ यूपीटीयू ने एमओयू साइन कर लिया है। इसके बाद अब सीतापुर रोड स्थित आईईटी में करीब 3 हजार वर्ग फीट का स्थान माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को उपलब्ध करवा दिया गया है।
अब इसमें कंपनी फिनिशिंग व मरम्मत का काम करने के बाद अपना सेटअप स्थापित करेगी। इसके साथ ही करीब छह महीने पहले माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का यूपी सरकार का प्रयास जमीनी हकीकत में तब्दील होना शुरू हो जाएगा।
इसमें हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर की ट्रेनिंग आईईटी के स्टूडेंट व टीचर्स को दी जाएगी। यही नहीं माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के एक्सपर्ट के साथ आईईटी के टीचर इनफारर्मेशन टेकभनोलॉजी पर रिसर्च करेंगे।
सरकार के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी उच्च स्तरीय ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की जाएगी। प्रो. बीएन मिश्रा कहते हैं कि इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से स्टूडेंट्स, टीचर्स व पूरे यूपी को काफी फायदा होगा।