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देशभर के छात्रों के लिए खुलेंगे UPTU के दरवाजे
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 16 Dec 2014 10:11 AM IST
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उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) के दरवाजे देशभर के छात्रों के लिए खुलेंगे। अन्य राज्यों के छात्रों के प्रवेश की सीमा को समाप्त कर असीमित करने के लिए यूनिवर्सिटी ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। आगामी सत्र से प्रवेश परीक्षा पास कर मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले दूसरे राज्यों के सभी छात्र यहां के कॉलेजों में पढ़ सकेंगे।
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दरअसल, हर साल बड़ी संख्या में यूपीटीयू से जुड़े कॉलेजों में सीटें खाली रह जाती हैं। इन सीटों को भरने के लिए कॉलेजों ने अन्य राज्यों के छात्रों के प्रवेश की सीमा बढ़ाने को कहा था। ये सीमा फिलहाल जेईई के जरिये 10 प्रतिशत और एनआरआई मिलाकर कुल सीटों की 15 फीसदी है।
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इसके बाद यह कदम उठाया गया है। कॉलेजों की मांग पर यूनिवर्सिटी ने बाहरी राज्यों के छात्रों को छूट देने का प्रस्ताव भेज दिया है। इसके बाद नए सत्र 2015-16 से मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले दूसरे राज्यों के सभी छात्र प्रवेश पा सकेंगे। जबकि अभी तक दस प्रतिशत की सीमा पूरी होने के बाद बाकी छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पाता था।
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दूसरी तरफ, इसका सबसे ज्यादा फायदा यूपी के आसपास स्थित राज्य दिल्ली, हरियाणा के छात्रों को मिलेगा। ये छात्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कॉलेजों में दाखिला लेकर घर से कॉलेज आकर पढ़ाई कर सकेंगे। वहीं, इस निर्णय के बाद कॉलेजों में खाली रह जाने वाली सीटों को भी भरा जा सकेगा। यूपीटीयू के इस निर्णय से निजी कॉलेज बेहद खुश हैं।
- दूसरे राज्यों के छात्रों के प्रवेश की छूट को बढ़ाने का प्रस्ताव भेज दिया गया है। अति गोपनीय होने के चलते फिलहाल प्रस्ताव के बारे में इससे ज्यादा बता नहीं सकता।
-प्रो. आरके खांडल, वीसी (यूपीटीयू)
-सीटें भरने के अलावा यूपी के छात्रों को दूसरे राज्यों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और सीखने का मौका मिलेगा। यूनिवर्सिटी का यह निर्णय बेहद प्रशंसनीय है।
-अखिल अग्रवाल, उपाध्यक्ष (सुंदरदीप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन)