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UPTU: बिना नंबर भेजे कैसे निकलेगा रिजल्ट

Sat, 25 Jan 2014 10:00 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 25 Jan 2014 10:00 AM IST
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uptu engineering colleges didn,t send practical numbers

उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) द्वारा विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं का रिजल्ट निकालना चुनौती भरा काम हो गया है।

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प्रदेश में करीब 215 इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेज हैं जिन्होंने अपने यहां विभिन्न कोर्सेज के सेशनल व प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक नहीं भेजे हैं।

इसमें राजधानी के भी करीब डेढ़ दर्जन से अधिक कॉलेज शामिल हैं जिन्होंने सेशनल व प्रैक्टिकल परीक्षा के अंक नहीं भेजे। जबकि यूपीटीयू प्रशासन ने हर हाल में 20 जनवरी तक सेशनल व प्रैक्टिकल के अंक भेजने के सख्त निर्देश दिए थे।

कॉलेजों की इस लापरवाही से यूपीटीयू द्वारा विषम सेमेस्टर का रिजल्ट 10 फरवरी तक घोषित किए जाने के काम को झटका लग रहा है।

फिलहाल यूपीटीयू प्रशासन ने ऐसे कॉलेजों को उनका परीक्षाफल रोकने की चेतावनी दी है। यूपीटीयू को विषम सेमेस्टर की कक्षाओं के सेशनल व प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक न भेजने वाले कॉलेजों में राजधानी के जो डेढ़ दर्जन कॉलेज शामिल हैं।
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वहीं पूर्वी व पश्चिम उत्तर प्रदेश के करीब 215 इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेज ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक सेशनल व प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक नहीं भेजे हैं।
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यूपीटीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि ऐसे लापरवाह कॉलेजों को चेतावनी दी गई है कि वे 27 जनवरी तक हर हाल में स्टूडेंट्स के सेशनल व प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक भेज दें।

अगर कॉलेज लॉगिन के माध्यम से इन कॉलेजों ने नंबर नहीं भेजे तो इन सभी का रिजल्ट रोक दिया जाएगा। डॉ. विक्रम सिंह के मुताबिक इन कॉलेजों के चक्कर में 850 से अधिक कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब दो लाख स्टूडेंट्स का परिणाम नहीं रोका जा सकता।
 
कॉलेज सम सेमेस्टर में नहीं दे रहे दाखिला
यूपीटीयू से संबद्ध इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेज दादागिरी पर उतारू हैं। विवि प्रशासन को ऐसे कई छात्रों की शिकायत मिली है जो किन्हीं कारणों से विषम सेमेस्टर की परीक्षा में नहीं बैठ पाए या फिर परीक्षा में शामिल नहीं हुए।

अब ऐसे स्टूडेंट को सम सेमेस्टर में दाखिला नहीं दिया जा रहा है। यूपीटीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि विवि के आर्डिनेंस के अनुसार सिर्फ सम या विषम सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल न होने से उन्हें आगे दाखिला देने से नहीं रोका जा सकता।


क्योंकि रिजल्ट तो सम व विषम सेमेस्टर की परीक्षा का जोड़कर वार्षिक रिजल्ट के आधार पर तय किया जाता है। फिलहाल शुक्रवार को यूपीटीयू के सम सेमेस्टर का सत्र शुरू हो गया।

विवि प्रशासन का कहना है कि अगर ऐसे स्टूडेंट को प्रवेश से रोका गया तो कॉलेजों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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