{"_id":"4d9779e57f5188f02f1d437f4f99928c","slug":"uptu-cut-off-goes-high-this-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"UPTU: इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिलों की बढ़ेगी कटऑफ","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
UPTU: इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिलों की बढ़ेगी कटऑफ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 05 May 2014 10:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) के इंजीनियरिंग कॉलेजों में 2014-15 सत्र के दाखिले की राह मुश्किल हो सकती है।
विज्ञापन
जून में होने वाले यूपी स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (एसईई) की क्लोजिंग रैंक (कटऑफ) में पिछले साल के मुकाबले इजाफा संभव है।
यूपीटीयू की ओर से जारी, एसईई-2013 के आधार पर हुए दाखिलों की ओपनिंग-क्लोजिंग रैंक के आंकड़ों से ये साफ हो गया है कि पिछले दो साल में इंजीनियरिंग कॉलेजों की क्लोजिंग रैंक में बढ़ोतरी हुई है।
ये बढ़ोतरी सिर्फ एक-दो ब्रांच में नहीं बल्कि सभी प्रमुख ब्रांच में है।
रैंकिंग को आधार बनाएं तो इस साल के दाखिलों में कंप्यूटर साइंस (सीएस) और मैकेनिकल टॉप ब्रांच रहेंगी। सरकारी और निजी कॉलेजों के दाखिले में ये प्राथमिकता पर होंगी।
विज्ञापन
इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन (ईसीई), इलेक्ट्रीकल और इलेक्ट्रीकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स (ईईई) की बारी होगी।
खास बात ये है कि इस साल एसईई काउंसलिंग लगभग एक महीने पहले होगी।
जिससे एडमिशन में एसईई के टॉप-30 हजार रैंक तक के छात्रों में उठापटक बढ़ेगी। जबकि तीस हजार रैंक वाले छात्रों के लिए बी कैटेगरी के कॉलेज चुनना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा।
विज्ञापन
सरकारी कॉलेज 4500 रैंक तक
प्रदेश के टॉप-5 सरकारी कॉलेजों में एसईई जनरल रैंक 3800 से ऊपर वाले छात्रों को मैकेनिकल, सीएस, सिविल, ईसीई, इलेक्ट्रीकल और ईईई जैसी ब्रांच नहीं मिल पाएंगी।
उम्मीद है कि दो कॉलेजों में 4500 रैंक तक छात्रों को आईटी ब्रांच मिल जाएगा।
सरकारी कॉलेज पाने की ललक ऐसी है कि एचबीटीआई के दाखिले टॉप-1000 रैंक और आईईसी कॉलेज में टॉप-1800 रैंक के ऊपर मौका न मिल पाए।
यूनीक ब्रांच भी हैं हिट
चुनिंदा सरकारी कॉलेजों में फूड, लेदर, ऑयल, पेंट और प्लास्टिक टेक्नोलॉजी जैसी ब्रांच भी हिट रहेंगी।
जिन छात्रों को कोर ब्रांच नहीं मिल पाए वे सरकारी कॉलेजों की इन यूनीक ब्रांच को चुन सकते हैं।
यहां भी 3500 रैंक तक के छात्रों को ही मौका मिलेगा। टेक्सटाइल इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी और टेक्सटाइल केमिस्ट्री के क्षेत्र में जाने वाले छात्रों को 15 हजार रैंक तक मौका मिल सकता है।