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SEE: प्रवेश काउंसलिंग 26 से, 150 हेल्प डेस्क बनेंगी
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 22 Jun 2014 08:02 AM IST
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प्रदेश भर में इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए हुई राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई)-2014 की प्रवेश काउंसलिंग 26 जून से शुरू होगी।
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काउंसलिंग प्रक्रिया में सबसे पहले एक साथ सभी स्टूडेंट्स के डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन का काम किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया 26 जून से लेकर तीन जुलाई तक चलेगी।
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डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के लिए प्रदेश भर में 150 हेल्प डेस्क बनाई जाएंगी। विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में बनाई जाने वाली यह हेल्प डेस्क स्टूडेंट्स को चॉइस फिलिंग के काम में मदद करेंगी।
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यह महत्वपूर्ण फैसला शनिवार को उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) की सेंट्रल एडमिशन बोर्ड (कैब) की बैठक में हुआ।
एसईई के तहत बीटेक, बीफॉर्मा, बीएचएमसीटी, बीआर्क, बीएफएडी व बीएफए स्नातक स्तरीय कोर्स व पीजी में एमबीए, एमसीए व एमएएम में दाखिले का परिणाम एक जून को घोषित किया गया था। इसके बाद अब यूपीटीयू ने काउंसलिंग की तारीख भी घोषित कर दी।
यूपीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल का कहना है कि कैब की बैठक में एसईई काउंसलिंग में इस बार सभी स्टूडेंट्स का एक साथ डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन करवाने का निर्णय लिया गया।
इससे स्टूडेंट्स को फायदा यह होगा कि उन्हें चॉइस फिलिंग करने के लिए अधिक समय मिल सकेगा। जो 150 हेल्प डेस्क बनाई जा रही हैं, उसमें कहीं पर भी स्टूडेंट जाकर अपना डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन और चॉइस फिलिंग कर सकेंगे।
इस बार भी ऑफ कैंपस ऑनलाइन काउंसलिंग ही होगी। इसके तहत अगर स्टूडेंट चाहेगा तो डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के बाद अपने घर या फिर साइबर कैफे से इंटरनेट के माध्यम से चॉइस फिलिंग कर सकेगा।
इसके बाद रैंक एक से 30 हजार रैंक तक के स्टूडेंट्स का सीट एलॉटमेंट का काम किया जाएगा। 50 हजार से लेकर 80 हजार रैंक तक के स्टूडेंट्स की मेरिट व चॉइस फिलिंग के अनुसार सीटें एलॉट की जाएंगी।
इन स्टूडेंट्स के सीट एलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 80 हजार रैंक से लेकर अंतिम रैंक तक के स्टूडेंट्स की सीटें एलॉट की जाएंगी। एसईई के तहत प्रवेश काउंसलिंग का काम 23 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।
एसईई के स्टेट को-ऑर्डिनेटर प्रो. जगवीर सिंह ने बताया कि स्टूडेंट्स से सीट कन्फर्मेशन फीस के 15,000 रुपये लिए जाएंगे। स्टूडेंट्स से काउंसलिंग फीस के रूप में 500 रुपये ए लिए जाएंगे।
काउंसलिंग का विस्तृत शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एक या दो दिन में एसईई की वेबसाइट www.upsee.nic.in पर उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
वेबसाइट पर होगी कॉलेजों की फीस
एसईई के तहत इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश काउंसलिंग में पहली बार फीस स्ट्रक्चर ऑनलाइन किया जाएगा।
वे कॉलेज जो स्टूडेंट्स को फीस में स्पेशल छूट देना चाहते हैं तो वह अपनी छूट के बाद क्या फीस लेंगे, इसका ब्यौरा भी ऑनलाइन होगा।
फीस नियमन कमेटी की ओर से इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों की जो फीस तय हुई है, उसका ब्यौरा स्टूडेंट देख सकेंगे। आम धारणा यह है कि प्राइवेट इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों की एक समान होगी।
लेकिन इसमें 50 से लेकर 75 प्रतिशत तक का अंतर है। यह फीस 55,000 से लेकर 98,000 रुपये प्रति सेमेस्टर तक है। ऐसे में इस बार कैब की बैठक में कुलपति डॉ. आरके खांडल ने निर्देश दिया कि सभी कॉलेजों की फीस का स्ट्रक्चर वेबसाइट www.upsee.nic.in पर अपलोड की जाएगी।
इससे स्टूडेंट्स को फायदा होगा। अगर कोई कॉलेज इनसे निर्धारित फीस के अलावा अतिरिक्त फीस लेंगे तो कार्रवाई होगी।
जेईई से भरेंगी 20 फीसद सीटें
यूपीटीयू प्रशासन के अनुसार निजी कालेजों में बीटेक व बीआर्क कोर्सेस की 20 प्रतिशत सीट जेईई मेंस-2014 की मेरिट के आधार पर काउंसलिंग से भरी जाएंगी।
एमबीए में 20 प्रतिशत सीटें एआइसीटीई की ओर से आयोजित सी-मैट की मेरिट के आधार पर भरी जाएंगी। इसमें से 10 फीसदी सीट डोमेसाइल अभ्यर्थियों की स्टेट मेरिट के आधार शासन की ओर से निर्धारित आरक्षण व्यवस्था व शेष 10 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया मेरिट के आधार पर भरी जाएगी।
एसईई के स्टेट कोआर्डिनेटर प्रो. जगवीर सिंह कहते हैं कि इसकी तारीख भी जल्द घोषित कर दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के सामान्य वर्ग के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को तीन प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा।
बीटेक, बीफार्म, बीआर्क, बीएचएससीटी व बीएफएडी में पहले साल में ग्रामीण अधिमान के तहत प्रवेश पाने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा में प्राप्त अंकों में तीन प्रतिशत ग्रामीण अधिमान अंक जोड़कर मेरिट तैयार की गई है।
यदि अभ्यर्थी काउंसलिंग के समय निर्धारित ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ा होने का प्रमाण पत्र संख्या-सात प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो उसकी मेरिट पोजीशन निरस्त कर की जाएगी।
स्नातक स्तरीय कोर्स में 1.73 लाख क्वॉलिफाइड
एसईई 2014 में बीटेक, बीआर्क, बीफॉर्मा, बीएचएमसीटी, बीएफए, बीएफएडी में दाखिले के लिए इस बार कुल 1,94,597 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे।
इसमें से 1,73,416 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इन सभी अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है। स्टूडेंट्स की संख्या के अनुसार सीटें अधिक हैं। ऐसे में सभी स्टूडेंट्स को दाखिला मिलना तय है।
एमबीए व एमसीए में 12,815 छात्र पास
एसईई-2014 के तहत इस बार पीजी स्तर में दाखिले के लिए एमबीए, एमसीए व एमएएम में कुल 15,803 अभ्यर्थियों ने प्रवेश परीक्षा दी थी।
इसमें से कुल 12,815 अभ्यर्थी प्रवेश काउंसलिंग के लिए योग्य हुए हैं। इन कोर्स की स्थिति हर साल की तरह इस बार भी बेहद खराब हैं।
कुल सीटों के मुकाबले मात्र 20 प्रतिशत स्टूडेंट ही इसमें दाखिला लेने के लिए काउंसलिंग में शामिल होंगे। ऐसे में इस बार भी कई एमबीए कॉलेजों में खाता खुलना मुश्किल हो जाएगा।
रजिस्ट्रेशन फीस का झंझट खत्म
एसईई 2014 की प्रवेश काउंसलिग में इस बार स्टूडेंट्स को बड़ी राहत दी गई है। अबकी काउंसलिग में फीस के ही 500 रुपये जमा कराए जाएंगे।
बीते सालों की तरह इस बार छात्रों से काउंसलिग के समय 10 हजार रुपयं रजिस्ट्रेशन फीस नहीं जमा कराई जाएगी। इसे यूपीटीयू ने पूरी तरह खत्म कर दिया है।
अभी तक इसे आधा करने पर विचार किया जा रहा था। इस बार बदली हुई व्यवस्था के अनुसार स्टूडेंट चॉइस फिलिंग करेंगे। इसके बाद सीट एलॉटमेंट की सूची घोषित की जाएगी।
एलॉटमेंट का लेटर जब स्टूडेंट लेने आएंगे तो उनसे कॉलेज की एडवांस फीस के रूप में 15,000 रुपये जमा करवाए जाएंगे। यह रुपये जब स्टूडेंट कॉलेज की फीस जमा करेंगे तो उसमें समायोजित कर दिया जाएगा।
अभी तक काउंसलिंग में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स से 500 रुपये काउंसलिंग शुल्क और 10 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन शुल्क के लिए जाते थे।
जब स्टूडेंट दाखिला लेने नहीं जाता था तो इंजीनियरिंग कॉलेज उन्हें यह रकम वापस करने में आनाकानी करते थे। इस बार व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।