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स्टूडेंट्स का पलायन रोकने की कवायद करेंगे यूपीटीयू के कॉलेज

Thu, 02 Jan 2014 02:32 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 02 Jan 2014 02:32 AM IST
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uptu aware students for engineering

इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कोर्सों में दाखिले के लिए इंटर कॉलेजों के स्टूडेंट्स को प्रेरित करने का काम अब यूपीटीयू से संबद्ध कॉलेजों का होगा।

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उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) ने राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) के अधिक से अधिक फॉर्म बिकवाने की जिम्मेदारी कॉलेजों को सौंपी है।

इसके लिए उन्हें अपने क्षेत्र में आसपास के इंटर कॉलेजों में जाकर स्टूडेंट को प्रेरित करना होगा कि वह एसईई का फॉर्म भरें और अपने यूपी में ही रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करें।
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दरअसल, अभी यूपी से हर साल बड़ी संख्या में स्टूडेंट इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने दूसरे राज्यों में जाते हैं। यूपीटीयू का मकसद है कि इस बार अधिक से अधिक संख्या में स्टूडेंट एसईई के फॉर्म भरें और यहीं दाखिला लें।
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अभी बड़ी संख्या में यूपी में सीटें खाली रह जाती हैं। यही कारण है कि अब कॉलेजों को एसईई के अधिक से अधिक फॉर्म बिकवाने की जिम्मेदारी दी जा रही है।

अभी तक कॉलेजों का एसईई में कोई रोल नहीं होता था वह सिर्फ काउंसिलिंग के जरिए भरी जाने वाली सीटों पर स्टूडेंट को प्रवेश दे देते थे। इस बार एसईई में फॉर्म जारी होने से लेकर एडमिशन तक उन्हें जिम्मेदारी निभानी होगी।

वहीं, बीटेक, बीफॉर्मा सहित अन्य स्नातक स्तरीय कोर्सेज में दाखिले के लिए इस बार भी ऑनलाइन एडमिशन टेस्ट नहीं होगा। यह फैसला यूपीटीयू प्रशासन ने लिया है।

यूपीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल कहते हैं कि राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) 2014 में कॉलेजों का एक्टिव रोल तय कर दिया गया है।

अभी तक वह सिर्फ काउंसिलिंग के समय ही सक्रिय होते थे लेकिन इस बार उन्हें आवेदन की बिक्री शुरू होने से पहले ही सक्रिय कर दिया जाएगा।

उनकी जिम्मेदारी होगी कि वह अपने-अपने क्षेत्र के इंटर कॉलेजों में जाएं और वहां पर साइंस ग्रुप के स्टूडेंट को एसईई का फॉर्म भरने के लिए उत्साहित करें।

वह अपने इंजीनियरिंग कॉलेजों में कोई एग्जीबिशन लगाकर भी इंटर कॉलेजों के स्टूडेंट को आमंत्रित कर सकते हैं। इसके अलावा वह किसी विशेषज्ञ का लेक्चर आयोजित कर स्टूडेंट को प्रेरित कर सकते हैं।

इसका फायदा यह होगा कि स्टूडेंट एसईई के तहत फॉर्म भरेंगे और इंजीनियरिंग कॉलेज में अगर उन्हें सुविधाएं अच्छी लगीं तो वह यहीं पर दाखिला ले लेंगे।

डॉ. खांडल कहते हैं कि इंजीनियरिंग कॉलेजों की मदद से एसईई के फॉर्म अगर अधिक बिकेंगे तो इसका फायदा भी उन्हें ही मिलेगा। इसी हफ्ते एसईई 2014 की कमेटी गठित कर दी जाएगी।


बीते साल यूपीटीयू ने बीटेक सहित अन्य कोर्सेज में ऑनलाइन एडमिशन टेस्ट करवाने के मामले को एसईई 2014 के लिए टाल दिया था।

लेकिन इस बार भी बीटेक, बीफॉर्मा, बीएचएमसीटी सहित स्नातक स्तरीय कोर्सेज में इस बार भी ऑनलाइन एडमिशन टेस्ट नहीं होंगे। सिर्फ एमबीए व एमसीए में ही ऑनलाइन एडमिशन टेस्ट होगा।

वहीं, एसईई के फॉर्म भी ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन मिलेंग। डॉ. खांडल कहते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्टूडेंट यहां पढ़ने आते हैं। ऐसे में सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया उचित नहीं है।

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