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SEE: पहली बार यूज होगा बायोमीट्रिक फंडा
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 22 Jan 2014 09:42 AM IST
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प्रदेश के इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली राज्य प्रवेश परीक्षा-2014 के एडमिशन फार्म फरवरी के पहले सप्ताह से मिलने लगेंगे।
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पिछली बार प्रवेश परीक्षा के दौरान हुई सेंधमारी को देखते हुए इस बार परीक्षा के दौरान पहली बार बायोमीट्रिक थंब इंप्रेशन सिस्टम लगाया जाएगा।
मंगलवार को यूपीटीयू (उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय) में आयोजित सेंट्रल एडमिशन बोर्ड (कैब) की बैठक में राज्य प्रवेश परीक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला लिया गया।
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यूपीटीयू से संबद्ध कॉलेजों में एडमिशन बढ़ाने के लिए इस बार काउंसलिंग 15 जुलाई तक संपन्न कराने पर भी सहमति बनी है।
यूपीटीयू कुलपति प्रो. आरके खांडल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा राज्य प्रवेश परीक्षा के दौरान फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा से दूर रखना था।
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इस बार अभ्यर्थियों के लिए बायोमीट्रिक प्रणाली लागू की गई है। अब अभ्यर्थियों की अटेंडेंस थंब इंप्रेशन से ली जाएगी। राज्य प्रवेश परीक्षा में इस बार प्रवेश परीक्षा के लिए सेंटर और शहर दोनों बढ़ाने की बात कही गई है।
आवेदन फॉर्म फरवरी के पहले सप्ताह से मिलने शुरू हो जाएंगे। एडमिशन फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही मोड में मिलेंगे। प्रवेश परीक्षा का ब्रोशर केवल ऑनलाइन मोड में ही उपलब्ध रहेगा।
राज्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से राज्य के इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों में बीटेक, बीफार्मा, बीआर्क, एमबीए, एमसीए आदि पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है।
यूपीटीयू के कुलपति प्रो. आरके खांडल के अनुसार, प्रवेश परीक्षा में कड़ी चौकसी की जाएगी। किसी भी सूरत में फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने नहीं दिया जाएगा।
बैठक का अहम मुद्दा प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के बाद दाखिला न लेेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या को कम करना है। पिछले साल के अनुभव बताते हैं कि सवा लाख सीटों के लिए एक लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी।
इसमें से एक लाख 58 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में सफल हुए थे। इसके बावजूद काउंसलिंग में केवल 57 हजार अभ्यर्थी ही शामिल हुए। इनमें से दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या केवल 29 हजार थी।
बाकी सीटें सीधे एडमिशन के जरिए भरी गई थीं। इस बार ड्रॉप आउट रेट को कम करने की कोशिश की जा रही है। बैठक में फैसला लिया गया कि इस बार प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट निकलने और काउंसलिंग की तिथियों में अंतर कम से कम रखा जाए।
साथ ही इस दौरान कॉलेजों को भी अभ्यर्थियों को अपने यहां की विशेषताएं बताने को भी कहा जाएगा ताकि वो दाखिले में रुचि दिखाएं।
प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए काउंसलिंग प्रणाली भी तय कर दी गई है। बीटेक के लिए काउंसलिंग प्रणाली ऑफलाइन आयोजित होगी।
जबकि एमबीए की काउंसलिंग ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। काउंसलिंग हर हालत में 15 जुलाई तक खत्म करने की सहमति बनी है। काउंसलिंग में देर हो जाने पर अभ्यर्थी दूसरी जगह एडमिशन ले लेता है।
ऐेसे में यूपीटीयू से संबद्ध कॉलेजों में सीटें खाली बच जाती हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है।