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UPTU: कैसे चेक हों कॉपियां, कॉलेज बने लापरवाह
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 21 Jan 2014 10:14 AM IST
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उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) ने विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं तो करवा लीं लेकिन अब समय पर रिजल्ट निकालना चुनौती बन गया है।
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कारण, इंजीनियरिंग कॉलेज कॉपियों का मूल्यांकन करने के लिए शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं कर रहे। ऐसे में अब यूपीटीयू प्रशासन ने सभी कॉलेजों को पत्र भेजकर शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर तत्काल रिजल्ट घोषित करने के लिए शिक्षकों का सहयोग मांगा है।
दो यूनिवर्सिटी के मर्जर के बाद पहली बार पूरे प्रदेश के करीब 850 इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों के करीब सवा लाख स्टूडेंट्स की परीक्षा करवाने व समय पर रिजल्ट निकालने की चुनौती यूपीटीयू के सामने है।
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अभी तक गौतमबुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय (जीबीटीयू) व महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय (एमटीयू) अलग-अलग होने के कारण इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेज आपस में बंटे हुए थे।
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लेकिन दोनों के मर्जर के बाद अस्तित्व में आए यूपीटीयू के सामने परीक्षाएं करवाना चुनौती भरा काम है। अब सारा सिस्टम एक यूनिवर्सिटी से ही संचालित होना है।
ऐसे में यूपीटीयू के कर्मचारियों ने एकजुट होकर परीक्षाएं करवाने में भरपूर सहयोग दिया। इस पर कुलपति डॉ. आरके खांडल ने कर्मचारियों को बधाई भी दी थी।
लेकिन परीक्षा के बाद जब कॉपियां जांचने का वक्त आया तो इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों ने शिक्षकों को कार्यमुक्त करने से मुंह फेर लिया। ऐसे में करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट्स की कॉपियां जांचना चुनौती भरा काम हो गया है।
यूनिवर्सिटी की ओर से निर्धारित किए गए मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षक ड्यूटी करने नहीं जा रहे। ऐसे में यूपीटीयू प्रशासन ने परीक्षा की कॉपियां जंचवाने में सहयोग के लिए सभी कॉलेजों को पत्र लिखा है, ताकि विषम सेमेस्टर का रिजल्ट जल्द घोषित किया जा सके।