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साक्षात्कार देने से रोका, छात्रों ने किया प्रदर्शन

Mon, 06 Jan 2014 12:33 PM IST
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 06 Jan 2014 12:33 PM IST
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आईबीपीएस की ओर से 21 बैंकों के लिए पीओ पद के लिए हुई परीक्षा में यूपीटीयू के 60 स्टूडेंट्स को गेजुएशन तय समय पर पूरा न करने की बात कहते हुए साक्षात्कार देने से रोक दिया गया।

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जबकि छात्रों का कहना है कि वह पद की अर्हता जुलाई, 2013 तक गेजुएशन करने की योग्यता पूरी करते हैं। ऑनलाइन रिजल्ट तय समय पर ही घोषित हुआ है।

जबकि हार्डकॉपी में दो अगस्त, 2013 तारीख छपी है, जिसके आधार पर उन्हें साक्षात्कार में अयोग्य ठहराया गया है। साक्षात्कार से रोके जाने के विरोध में जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पर बड़ी संख्या में पीओ पद की लिखित परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आइसा के पदाधिकारियों ने भी नारेबाजी की और कहा कि अगर स्टूडेंट्स के साथ अन्याय हुआ तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।

इंस्टीट्यूट ऑफ बैकिंग पर्सनल सलेक्शन (आईबीपीएस) की ओर से 21 बैंकों के लिए प्रोबेशनरी अधिकारी (पीओ) पद की परीक्षा हुई थी।

इसमें उत्तीर्ण हुए उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) के 60 स्टूडेंट्स को आईबीपीएस ने साक्षात्कार के लिए अयोग्य ठहरा दिया। इसके विरोध में स्टूडेंट्स ने रविवार को जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पर विरोध प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने कहा कि आईबीपीएस के जरिए बैंक में पीओ पद के लिए आवेदन की अर्हता जुलाई, 2013 तक स्नातक पास करने की है। बीटेक अंतिम वर्ष का रिजल्ट, 26 जून 2013 को घोषित हुआ था।

ऑनलाइन मार्क्सशीट में 26 जून 2013 ही तारीख है, जबकि विवि से जो हार्डकॉपी जारी हुई, उसमें दो अगस्त, 2013 छपा है।

स्टूडेंट्स का कहना है कि रिजल्ट पहले निकल चुका था इसलिए उन्होंने आवेदन किया। लिखित परीक्षा में बैठे और उसे पास कर लिया।

इसके बाद जब साक्षात्कार में बैठने के लिए पहुंचे तो यह कहकर मना कर दिया कि मार्क्सशीट पर 2 अगस्त, 2013 तारीख छपी है। आपने स्नातक बाद में पास किया है।

अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को ऑनलाइन मार्क्सशीट दिखाई, जिस पर रिजल्ट घोषित होने की तारीख 26 जून थी और उन्हें बताया कि यह प्रिंटिंग की तारीख है और यह रिजल्ट में लिखा भी हुआ है।

लेकिन अधिकारी नहीं माने। इसके बाद स्टूडेंट यूपीटीयू प्रशासन से लिखवाकर एक प्रमाणपत्र भी ले आए, लेकिन फिर भी सुनवाई नहीं हुई।

स्टूडेंट्स ने यूपीटीयू से नई मार्क्सशीट छापने की गुजारिश की और उस पर रिजल्ट घोषित होने की तारीख डालने की मांग की तो विवि ने भी मना कर दिया।

ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) के सचिव नितीश कनौजिया ने कहा कि यह स्टूडेंट के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसके लिए वह अब सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।

इधर, स्टूडेंट गोविन्द, प्रशांत, ज्योति शर्मा, खालिद, अंकित सहित करीब 60 अभ्यर्थियों ने कहा कि उनकी मेहनत पर बेवजह पानी फेरा जा रहा है। अब वह चुप बैठने वाले नहीं हैं।


यूपीटीयू के प्रति कुलपति प्रो. दिवाकर सिंह यादव कहते हैं कि मार्क्सशीट पर प्रिंटिंग की तारीख छपी हुई थी, इसे लेकर जो स्टूडेंट यहां आए थे उन्हें अलग से पत्र लिखा गया। आईबीपीएस को बेवजह स्टूडेंट को परेशान नहीं
करना चाहिए।

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