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यूपीटीयू: खत्म होगा डोमिसाइल सिस्टम
रंजित सिन्हा/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 01 Aug 2014 10:26 AM IST
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अगले वर्ष से उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) के 700 कॉलेजों में देश भर के छात्र दाखिला ले सकेंगे।
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अब किसी भी राज्य का छात्र यूपी स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (एसईई) दे सकता है। इसके लिए प्रदेश सरकार डोमिसाइल सिस्टम खत्म करते हुए इसकी अनिवार्यता समाप्त करने जा रही है।
यूपीटीयू नोएडा कैंपस में गुरुवार को प्रदेश के टेक्निकल एजूकेशन मिनिस्टर प्रोफेसर शिवाकांत ओझा ने कहा कि इंजीनियरिंग की ज्यादा से ज्यादा सीट भरने और तकनीकी शिक्षा व कॉलेजों को प्रमोट करने के लिए डोमिसाइल सिस्टम खत्म किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि जल्द ही कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को पास कराया जाएगा।
दरअसल, अभी तक यूपीटीयू के कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली एसईई में यूपी डोमिसाइल (निवास) जरूरी है।
मसलन, छात्र का यूपी के स्कूल से 12वीं पास होना या किसी दूसरे राज्य से 12वीं करने की स्थिति में उसके अभिभावक (माता या पिता कोई एक) का यूपी डोमिसाइल सर्टिफिकेट जरूरी है।
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यूपीटीयू के 700 कॉलेजों में देश भर के छात्र दाखिला ले सकेंगे। अब किसी भी राज्य का छात्र यूपी स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (एसईई) दे सकता है।
इस प्रावधान में यूपी से बाहर के छात्रों को मौका नहीं मिल पाता था। अगले सत्र 2015-16 से किसी भी राज्य का छात्र एसईई में शामिल होकर दाखिला ले सकता है।
हर सेमेस्टर में रिव्यू होगा सिलेबस
तेजी से बदल रही तकनीक और इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यूपीटीयू के सिलेबस को तीन साल की बजाय हर छह महीने के बाद, सेमेस्टर की शुरुआत से पहले रिव्यू किया जाएगा।
जरूरत के आधार पर सिलेबस को अपग्रेड करने के भी आदेश दिए गए हैं। इसके लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) को बेहद जिम्मेदारी के साथ करना होगा।
ऑनलाइन फीडबैक सिस्टम बनेगा
यूपीटीयू अपने छात्र और अभिभावकों की समस्याओं को दूर करने के लिए ऑनलाइन फीडबैक सिस्टम बनाने जा रहा है।
बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) की ओर से तैयार होने वाले सिलेबस से लेकर परीक्षा प्रणाली और यूनिवर्सिटी की ओर से बनाए जाने वाले सभी प्रावधानों पर राय दी जा सकेगी। फीडबैक के आधार पर जरूरी संशोधन और बदलाव किया जाएगा।