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12वीं की एवरेज स्टूडेंट बनी UPMT में टॉपर

Thu, 28 May 2015 03:18 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 28 May 2015 03:18 PM IST
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upmt topper.

नाम : रितू भंडारी, बीते साल 12वीं में 64 फीसदी अंक और इस बार यूपीएमटी की चौथी रैंक पर कब्जा। नाम : भवाना खेतवाल, सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 66.20 फीसदी अंक और इस बार यूपीएमटी में छठी रैंक।

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इसके अलावा ऐसी तमाम प्रतिभाओं ने न केवल इस बार यूपीएमटी में नए ट्रेंड को जन्म दिया है। बल्कि उन छात्र-छात्राओं के सामने नई मिसाल भी पेश की है जो आमतौर पर बोर्ड परिणाम के बाद कम अंक आने पर परेशान हो हार मान लेते हैं।
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रितू, भवाना समेत कई परीक्षार्थियों के 12वीं में सामान्य अंक थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और वह कर दिखाया जिसे कर दिखाने की उन्होंने ठानी। इससे यह भी साफ होता है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में बोर्ड से अलग तैयारी की जरूरत पड़ती है।
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इसके अलावा इस बार की यूपीएमटी (उत्तराखंड प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट) में एक और नया ट्रेंड देखने को मिला है। वह यह कि ज्यादातर उन छात्रों को कामयाबी मिली है, जिन्होंने 12वीं करने के बाद एक साल ड्रॉप करके यूपीएमटी की तैयारी की थी।

इन्होंने पेश की मिसाल
- यूपीएमटी में 11वीं रैंक हासिल करने वाली आकाश कुमार ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में 66.40 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
- यूपीएमटी में 15वीं रैंक हासिल करने वाली मिशिका गहलोत ने गत वर्ष 12वीं की परीक्षा 64.20 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी।
- यूपीएमटी में 18वीं रैंक हासिल करने वाले आशीष रावत ने गत वर्ष 12वीं की परीक्षा में 62.60 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।

सीबीएसई बोर्ड का रहा जलवा
- यूपीएमटी की टॉप 20 सूची में सीबीएसई बोर्ड का परचम लहराया है। टॉपर मानसी सिंह, सेकेंड टॉपर दीपांक चौधरी, थर्ड टॉपर वैशाली यादव सहित 20 में से 17 अभ्यर्थी सीबीएसई बोर्ड के हैं। एक अभ्यर्थी उत्तराखंड बोर्ड का और दो अभ्यर्थी आईएससी बोर्ड के हैं।


मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 12वीं के अंक ज्यादा मायने नहीं रखते हैं। कम अंकों वाले छात्र भी चाहें तो एक साल ड्रॉप करके जोरदार तैयारी से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बाजी मार सकते हैं। इसकी तैयारी का सिलसिला 11वीं में दाखिले के साथ ही शुरू कर दें तो बेहतर परिणाम सामने आते हैं।
- विपिन बलूनी, एमडी, बलूनी क्लासेज

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