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यूपीएमटी काउंसिलिंगः MBBS की 128 सीटें भरीं
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 16 Jun 2014 01:22 PM IST
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उत्तराखंड में एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर काउंसिलिंग का पहला दिन ही काफी रोचक रहा।
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एक ओर जहां एमबीबीएस की अनारक्षित श्रेणी की 106 में से महज पांच सीटें बची तो दूसरी ओर बीडीएस की 100 में से दो ही सीटें भर पाईं।
यूटीयू के परिसर में शुरू हुई रिपोर्टिंग
शनिवार को सुद्धोवाला स्थित यूटीयू के परिसर में रिपोर्टिंग शुरू हुई थी। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की ओर से 1 से 400 रैंक तक के छात्रों को बुलाया गया था, जिनमें से 348 ने रिपोर्टिंग की थी। रविवार को सुबह 11 बजे काउंसिलिंग शुरू हुई।
पहले डेढ़ घंटे में ही 20 से ज्यादा एमबीबीएस की सीटें अलॉट हो गई थीं। शाम करीब सात बजे तक चली काउंसिलिंग के बाद सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी में अनारक्षित वर्ग में विकलांग श्रेणी की दो सीटें बची हैं।
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यहां ओपन की 31, फ्रीडम फाइटर की एक, भूतपूर्व सैनिक की तीन और महिलाओं की सभी 16 सीटें अलॉट हो गई।
जबकि एससी कोटे की कुल 16 में से महज दो सीटें भरी, ओबीसी कोटे की कुल 12 में से 11 सीटें भर गई, एसटी कोटे की तीनों सीटें फुल हो गई जबकि कश्मीरी विस्थापित कोटे की एक सीट खाली रह गई।
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वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज में अनारक्षित वर्ग की कुल 53 सीटें थी। इनमें ओपेन कैटेगरी की सभी 31 फुल हो गई हैं। अनारक्षित में केवल तीन सीटें बची हैं, एक फ्रीडम फाइटर की और दो विकलांग श्रेणी की।
एससी श्रेणी में सभी 16 सीटें खाली हैं। ओबीसी की कुल 12 सीटों में से पूर्व सैनिक कोटे की एक सीट बची है। एसटी की तीनों सीटें खाली रह गई हैं। यहां भी कश्मीरी माइग्रेंट की एक सीट खाली रह गई है।
कॉलेजवार खाली सीटों का ब्यौरा
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज
कैटेगरी (कुल सीटें) - शेष सीटें
अनारक्षित(53) - 3 (दो विकलांग, एक फ्रीडम फाइटर)
एससी(16) - 16 (ओपन 10, पूर्व सैनिक 1, विमैन 5)
ओबीसी(12) - 1 (पूर्व सैनिक)
एसटी(3) - 3 (2 ओपेन, 1 विमैन)
कश्मीरी माइग्रेंट(1) - 1
सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी
कैटेगरी (कुल सीटें) - शेष सीटें
अनारक्षित(53) - 2(विकलांग)
एससी(16) - 14(ओपन 8, पूर्व सैनिक 1, विमैन 5)
ओबीसी(12) - 1 (पूर्व सैनिक)
एसटी(3) - 0
कश्मीरी माइग्रेंट(1) - 1
बीडीएस में नहीं दिखा रुझान
काउंसिलिंग के पहले दिन बीडीएस में छात्रों का रुझान नजर नहीं आया। प्रदेश के दो कॉलेजों की कुल 100 सीटों में से महज दो सीटें ही भर पाई।
सीमा डेंटल कॉलेज में अनारक्षित वर्ग की 31 सीटों में से केवल दो सीटें भरी। बाकी एससी की 10, ओबीसी की सात, और एसटी की दोनों सीटें वेकेंट रह गई।
उत्तरांचल डेंटल कॉलेज में अनारक्षित वर्ग की 31, एससी की 10, ओबीसी की सात और एसटी की सभी दो सीटें खाली रह गई।
अभिभावकों में रोष
काउंसिलिंग में प्रदेशभर से आए कई अभिभावकों और छात्रों ने हंगामा किया। उनका आरोप था कि अनारक्षित वर्ग की सीटें एससी और ओबीसी अभ्यर्थियों से भरी जा रही हैं।
कुछ अभिभावक काउंसिलिंग में मौजूद पदाधिकारियों के पास भी पहुंचे। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आरपी भट्ट ने बताया कि काउंसिलिंग में सभी नियमों का पूर्ण पालन किया जा रहा है।
इसमें आरक्षण की व्यवस्था भी नियमानुसार है। बाद में अभिभावक लौट गए।