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यूपीटीयू में सिलेबस अपडेट करने की शुरू हुई कवायद

Wed, 06 Nov 2013 12:40 AM IST
आशीष कुमार त्रिवेदी/लखनऊ
आशीष कुमार त्रिवेदी/लखनऊ Updated Wed, 06 Nov 2013 12:40 AM IST
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update sylabus in uptu

उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) अपने सिलेबस को अपडेट करने में टॉपर्स स्टूडेंट की भी मदद ले रहा है।

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उसने सभी इंस्टीट्यूट को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां पर हर कोर्स की बोर्ड ऑफ स्टडी बनाएं और उसमें एक एक्सपर्ट टीचर के साथ ही फाइनल ईयर के टॉपर स्टूडेंट को भी शामिल करें।

इनके सुझाव के अनुसार कोर्स अपडेट करें। इससे यह पता चल सकेगा कि स्टूडेंट कोर्स में किस तरह का बदलाव पसंद करते हैं।

सभी कॉलेजों को 15 दिसंबर तक ईमेल bos@uptu.ac.in पर अपने-अपने सुझाव भेजने होंगे।

यूपीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल ने सभी कॉलेजों को उनके यहां पढ़ाए जा रहे बीटेक, बीफॉर्मा, बीआर्क, बीएचएमसीटी, एमबीए, एमसीए, एमएएम और एमटेक में पढ़ाए जाने वाले कोर्सों को अपडेट करने के लिए सुझाव मांगे हैं।
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अभी इन सभी स्ट्रीम के फर्स्ट ईयर के छात्रों को इस सत्र से नया सिलेबस पढ़ाया जा रहा है।

इसी के साथ सेकंड ईयर, थर्ड ईयर और फोर्थ ईयर में भी कोर्स अपडेट करने के लिए सभी इंस्टीट्यूट से सुझाव मांगे गए हैं।

इसी के साथ इंस्टीट्यूट से पूछा गया है कि नेशनल वोकेशनल एजुकेशन क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के गाइडेंस के अनुसार बीटेक वोकेशनल के डिग्री कोर्स खोलने, इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार सिलेबस में नया चीजें शामिल करने, वर्तमान में पढ़ाए जा रहे सिलेबस के बारे में उनकी क्या राय है।
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सिलेबस को अपडेट करने की पूरी कवायद यूपीटीयू वर्ष 2013 के अंत तक पूरा करना चाहता है, ताकि अगले साल 2014 से छात्रों को नया कोर्स पढ़ाया जा सके।

फिलहाल यूपीटीयू का मकसद ऐसा सिलेबस तैयार करने का है जिससे इंडस्ट्री की जरूरतें भी पूरी हो सकें। इस सिलेबस को पढ़ने से स्टूडेंट को बेहतर प्लेसमेंट में भी मदद मिलेगी।

गुरुजी भी होंगे अपडेट
यूपीटीयू से संबद्ध इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में पढ़ाने वाले टीचर्स को भी शार्ट टर्म ट्रेनिंग देकर उन्हें अपडेट किया जाएगा।

एनआईटीटीटीआर (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च) चंडीगढ़ की मदद से उन्हें नई तकनीक से रूबरू करवाया जाएगा।

गाजियाबाद के आरडी इंजीनियरिंग कॉलेज में वेस्टर्न यूपी के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को शार्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत दक्ष किया जाएगा।

यह कोर्स 11 से 15 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। यूपीटीयू प्रशासन ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वह एनआईटीटीटीआर की मदद से इस तरह के ट्रेनिंग प्रोग्राम खुद भी आयोजित करें।

मालूम हो कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में अभी अच्छी फैकल्टी की कमी है। ऐसे में ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाकर इंजीनियरिंग कॉलेज अपने यहां पढ़ा रही फैकल्टी को अपडेट कर सकते हैं।


विभिन्न कोर्सेज में कौन-कौन से बदलाव हो रहे हैं और स्टूडेंट के कॅरिअर के लिए क्या-क्या चीजें जरूरी हैं यह सब कुछ फैकल्टी को इस शार्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम के माध्यम से सिखाया जाएगा।

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