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भारतीय अर्थव्यवस्था का इंजन यूपी
विवेक त्रिवेदी/लखनऊ
Updated Wed, 20 Nov 2013 01:03 AM IST
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यूपी के समग्र विकास से ही भारत की उन्नति संभव है। उत्तर प्रदेश्ा देश की अर्थव्यवस्था का इंजन है।
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यूपी में कई सारी समस्याएं हैं लेकिन यूपी को अपनी चुनौतियों को फोकस कर समुचित रणनीति बनाकर इनको दूर करना होगा।
यह विचार मंगलवार को विश्व बैंक के इंडिया कंट्री डायरेक्टर ऑनो रूहल ने लविवि के इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट साइंस की ओर से मालवीय सभागार में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित कर व्यक्त किए।
लविवि के कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। विश्व बैंक के इंडिया कंट्री डायरेक्टर ऑनो रूहल ने बताया कि मुख्य सचिव से उप्र में चल रही विश्व बैंक की परियोजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
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उन्होंने बताया कि हालांकि यूपी व बिहार देश के सबसे कम आय वाले प्रदेश हैं। लेकिन यहां भी काफी संभावनाएं हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी यहां की युवा वर्क फोर्स (मानव संसाधन) है।
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जिसके लिए रोजगार की संभावनाएं उपलब्ध कराकर प्रदेश की आय के संसाधनों को बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था में महिलाओं के शामिल न होने को बहुत बड़ी समस्या बताया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश की 15 से 24 उम्र की किशोरी व महिलाएं न ही शिक्षित हैं और न ही वह कोई काम करती हैं।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि भारत बहुत तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आ रहा है। इसके लिए भारत को अपने घरेलू संसाधनों के निवेश को बढ़ाना होगा।
भारत की जीडीपी में घरेलू निवेश 35 फीसदी है, जिसको तेज गति से बढ़ाना होगा। पिछले साल उन्होंने विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर, इंडिया का चार्ज लिया तो भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में गहनता से अध्ययन किया।
उन्होंने तीन बातों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। पहला बहुआयामी बदलाव, दूसरा ज्ञान के क्षेत्र निवेश व तीसरा समग्र विकास पर ध्यान देना होगा।